जंगल सफारी बनेगा हरियाणा का नया टूरिज्म हॉटस्पॉट, रोजगार से लेकर इको-टूरिज्म तक होंगे ये फायदे

फरीदाबाद | हरियाणा सरकार (Haryana Govt) ने अरावली जंगल सफारी परियोजना की जिम्मेदारी अब वन विभाग को सौंप दी है. इससे पहले यह जिम्मेदारी पर्यटन विभाग के पास थी. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने यह निर्णय लिया है, जिसकी जानकारी पर्यावरण एवं वन्य जीव मंत्री नरबीर सिंह ने दी है.

Jangal Safari Forest

रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

हाल ही में वन मंत्री ने नागपुर स्थित गोरेवड़ा सफारी और गुजरात की वनतारा परियोजना का दौरा किया. मंत्री नरबीर सिंह ने बताया कि अरावली में एक उन्नत जंगल परियोजना के तहत ‘अरावली ग्रीन वॉल प्रोजेक्ट’ का खाका तैयार किया गया है. इससे इको टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा, जैव विविधता और वन्यजीवों का संरक्षण सुनिश्चित होगा. साथ ही, स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे. अरावली पर्वत श्रृंखला भारत की सबसे पुरानी पर्वत श्रृंखला मानी जाती है, जो हरियाणा, दिल्ली, गुजरात और राजस्थान में करीब 1.15 मिलियन हेक्टेयर क्षेत्र में फैली हुई है.

केंद्र सरकार ने भी दिखाई रुचि

पर्यावरण मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार ने हरियाणा को ‘अरावली ग्रीन वॉल प्रोजेक्ट’ और जंगल सफारी की जिम्मेदारी सौंपी है. जलवायु परिवर्तन और बढ़ते प्रदूषण के चलते पर्यावरण संरक्षण एक अहम चिंता का विषय बन गया है. इस परियोजना के जरिए भारत की स्वदेशी प्रजातियों का वनरोपण, मृदा स्वास्थ्य सुधार और जैव विविधता का संरक्षण सुनिश्चित किया जाएगा.

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Nisha Tanwar
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