नई दिल्ली | पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों से दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (IGI) तक सिग्नल फ्री सफर बनाने की दिशा में बहुत जल्द एक बड़ी सौगात मिलने जा रही है. बाहरी दिल्ली के अलीपुर से IGI एयरपोर्ट तक निर्माणधीन अर्बन एक्सटेंशन रोड (UER- 2) का निर्माण कार्य लगभग पूरा होने की कगार पर पहुंच चुका है. 8 हजार करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले इस रोड पर इसी साल अगस्त महीने से वाहन फर्राटा भर सकेंगे.
यह रहेगा रूट
अलीपुर के पास दिल्ली- पानीपत हाईवे से शुरू हो रहा UER-2 रोहिणी, मुंडका, नजफगढ़, द्वारका से होते हुए महिपालपुर के पास दिल्ली- जयपुर हाइवे (NH-48) पर दिल्ली- गुरुग्राम एक्सप्रेसवे पर समाप्त हो रहा है. इसे 3 चरणों में बनाया गया है. पहला चरण NH- 1 दिल्ली- पानीपत हाईवे इंटरसेक्शन से कराला- कंझावला रोड तक (15.70 किलोमीटर), दूसरा कराला- कंझावला रोड से नांगलोई- नजफगढ़ रोड (13.45 किलोमीटर) व तीसरा पैकेज नांगलोई- नजफगढ़ रोड़ से द्वारका सेक्टर- 24 (9.66 किलोमीटर) का है.
37.29 किलोमीटर लंबाई की 2 सड़कों का भी निर्माण कार्य जा रहा है. इसमें बवाना औद्योगिक क्षेत्र से बड़वासनी बाईपास, सोनीपत (29.60 किलोमीटर) और ढिचाऊ कलां से बहादुरगढ़ बाईपास (7.2 किलोमीटर) हैं. इन दोनों सड़क मार्गों के जरिए सोनीपत और बहादुरगढ़ की ओर से आने वाले वाहन बिना किसी रूकावट के IGI एयरपोर्ट और गुरुग्राम का सफर तय कर सकेंगे.
सिग्नल फ्री बनेगा सफर
NHAI के एक अधिकारी ने बताया कि UER- 2 पर वाहनों का संचालन शुरू होने पर दिल्ली से प्रतिदिन 2 लाख से ज्यादा वाहनों का दबाव कम होगा. मालवाहक गाड़ियों को दिल्ली के भीतर एंट्री करने की जरूरत नहीं पड़ेगी. इससे जहां प्रदुषण कम करने में मदद मिलेगी तो वहीं दूसरी ओर समय व ईंधन की बचत होगी.
पंजाब, चंडीगढ़ और हरियाणा की ओर से आने वाले वाहन जिन्हें IGI एयरपोर्ट, गुरुग्राम व जयपुर की तरफ जाना है, उन्हें सिग्नल फ्री सफर मिलेगा. इस प्रोजेक्ट को दिल्ली की तीसरी रिंग रोड की संज्ञा दी गई है.
