चंडीगढ़ | हरियाणा की नायब सैनी सरकार ने अपने पार्ट टाइम, दैनिक वेतनभोगी और नियमित कर्मचारियों के लिए वेतन दरों तथा अवकाश नियमों में संशोधन कर दिया है. मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी अधिसूचना के मुताबिक, नए नियम 1 जनवरी 2025 से लागू होंगे.
HKRN के तहत 2 वेतन स्लैब निर्धारित
- पहला स्लैब: जिन कर्मचारियों का मासिक वेतन 19,900 रुपये है, उन्हें दैनिक वेतन 765 रुपये और प्रति घंटा 96 रुपये मिलेगा. यदि कोई कर्मचारी रोजाना 1 घंटा काम करता है, तो उसे मासिक 2,487 रुपये प्राप्त होंगे.
- दूसरा स्लैब: जिन कर्मचारियों का मासिक वेतन 24,100 रुपए हैं, उनका दैनिक वेतन 927 रुपये और प्रति घंटा 116 रुपये होगा. रोजाना एक घंटा काम करने पर मासिक वेतन 3,012 रुपये बढ़ेगा.
कर्मचारियों के लिए प्रतिपूरक अवकाश
हरियाणा सिविल सेवा (अवकाश) नियम, 2016 में संशोधन के तहत, यदि ग्रुप C और D के कर्मचारी अधिसूचित अवकाश पर आधिकारिक ड्यूटी करते हैं, तो वे एक महीने के भीतर प्रतिपूरक अवकाश ले सकेंगे. यह अवकाश अन्य छुट्टियों या स्टेशन लीव के साथ भी लिया जा सकता है, लेकिन कुल अवकाश अवधि 16 दिनों से अधिक नहीं होगी.
यदि स्वीकृति प्राधिकारी अवकाश अनुरोध अस्वीकार करता है, तो कर्मचारी अगले 15 दिनों में अवकाश ले सकता है, अन्यथा यह समाप्त हो जाएगा. यदि उसी दिन के लिए वित्तीय प्रोत्साहन दिया गया हो, तो प्रतिपूरक अवकाश नहीं मिलेगा.
आकस्मिक अवकाश में वृद्धि
नए नियमों के तहत, नियमित महिला कर्मचारियों को प्रति कैलेंडर वर्ष 25 आकस्मिक अवकाश मिलेंगे. नियुक्ति की तारीख के आधार पर अवकाश इस प्रकार होंगे.
- 30 जून से पहले नियुक्ति: महिलाओं को 25 और पुरुषों को 10 आकस्मिक अवकाश.
- 30 जून से 30 सितंबर के बीच नियुक्ति: महिलाओं को 12 और पुरुषों को 5 आकस्मिक अवकाश का लाभ मिलेगा.
- 30 सितंबर के बाद नियुक्ति: महिलाओं को 6, पुरुषों को 2 आकस्मिक अवकाश.
- 30 नवंबर के बाद नियुक्ति: महिलाओं को 3 और पुरुषों को 1 आकस्मिक अवकाश का लाभ मिलेगा.
सेवा अवधि के आधार पर पुरूष कर्मचारियों को भी अतिरिक्त अवकाश का लाभ मिलेगा.
- 10 वर्ष से कम सेवा: 10 दिन.
- 10-20 वर्ष सेवा: 15 दिन.
- 20 वर्ष से अधिक सेवा: 20 दिन
आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के अनुबंध में विस्तार
प्रदेश सरकार ने आउटसोर्सिंग पॉलिसी PART- 2 के तहत विभागों, बोर्डों और निगमों में कार्यरत कर्मचारियों के अनुबंध को 31 जुलाई 2025 तक 1 महीने के लिए बढ़ाने का फैसला लिया है.
मृतक कर्मचारी के परिवार को राहत
यदि किसी कर्मचारी की नौकरी के दौरान मौत हो जाती है तो उसका परिवार 2 साल तक किराया भत्ता या सामान्य लाईसेंस फीस पर सरकारी आवास की सुविधा का लाभ उठा सकता है. यदि परिवार 2 साल से पहले आवास खाली करता है तो शेष अवधि का किराया भत्ता नहीं मिलेगा.
