नई दिल्ली | अगर आप भी UPI का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो आज की यह खबर आपके लिए है. 1 अगस्त यानी कि कल से आपका यूपीआई एक्सपीरियंस बदलने वाला है. भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम यानी कि NPCI की तरफ से सिस्टम पर पडने वाले एक्स्ट्रा लोड को कम करने और यूपीआई पेमेंट को फास्ट करने के लिए कुछ जरूरी बदलाव लागू किए जाएंगे. आज हम आपको इन्हीं के बारे में विस्तार से जानकारी देने वाले हैं.
अगर आप भी रोजाना गूगल पे, फोन पे या पेटीएम या फिर किसी अन्य ऐप का इस्तेमाल ट्रांजैक्शन के लिए करते हैं, तो आपको कुछ बातों के बारे में विशेष जानकारी होनी चाहिए. कल से इनसे जुड़े हुए नियमों में कुछ बड़े बदलाव होने जा रहे हैं, जिसका प्रभाव सभी पर दिखाई भी देगा.
1 अगस्त से बदल जाएंगे नियम
- यूपीआई का ऑटो पेमेंट सिस्टम जो OTT सब्सक्रिप्शन या EMI जैसे पेमेंट को संभालता है, अब वह केवल नॉन पीक पर ही काम करेगा यानी यह सुबह 10:00 बजे से पहले या रात 9:30 बजे के बाद ही पेमेंट करेगा, यह करने का फैसला इसीलिए भी लिया जा रहा है जिससे कि बिजी टाइम में सिस्टम पर ज्यादा लोड ना हो.
- एनपीसीआई की तरफ से सभी पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर और बैंक से 31 जुलाई तक इन नियमों को लागू करने को लेकर भी जानकारी उपलब्ध करवा दी गई है, यह नए नियम 1 अगस्त से लागू होने जा रहे हैं.
- अब आप यूपीआई पर अकाउंट का बैलेंस केवल दिन में 50 बार ही चेक कर सकती है, यह कैलकुलेशन 24 घंटे की अवधि में की जाएगी. इसमें सिर्फ वह बैलेंस रिक्वेस्ट शामिल होगी, जो आप सीधे करते हैं.
- हर ऑटो डेबिट का सिस्टम 1 मेन ट्राई और तीन री ट्राई की परमिशन देगा. इसका मतलब यह हुआ कि अब आपको ट्राई करने के लिए केवल चार ट्राई ही मिलने वाले हैं. इससे नेटवर्क पर दबाव रोकने में मदद मिलने वाली है.
