चंडीगढ़ | हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी शुक्रवार को चंडीगढ़ स्थित निवास संत कबीर कुटीर में गोस्वामी तुलसीदास जयंती के पावन अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए. इस दौरान गोस्वामी समाज के प्रमुख प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने बड़ा ऐलान किया. उन्होंने समाज द्वारा रखी गई मांग पर घोषणा करते हुए कहा कि गोस्वामी समाज को केंद्रीय ओबीसी सूची में शामिल करने के लिए प्रदेश सरकार ओबीसी आयोग को पत्र लिखकर अनुशंसा करेगी.
तुलसीदास जी के नाम पर ऐलान
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के किसी एक चौक का नाम तथा हिसार में स्थापित होने वाले एक बड़े पुस्तकालय का नाम गोस्वामी तुलसीदास जी के नाम पर रखा जाएगा. उन्होंने कुरुक्षेत्र में निर्माणाधीन धर्मशाला के लिए 31 लाख रुपए देने का भी ऐलान किया. उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा संवैधानिक दर्जा दिया गया है. ओबीसी वर्ग अब मेडिकल एजुकेशन, सैनिक स्कूल, केंद्रीय विद्यालय और नवोदय विद्यालय में आरक्षण का लाभ पाने के पात्र होंगे.
उत्थान के लिए सरकार रही काम
प्रदेश सरकार समाज के हर तबके के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है. पिछड़े वर्ग के उत्थान के लिए सरकार द्वारा पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन किया गया है. पिछड़ा वर्ग की क्रीमी लेयर आय सीमा को ₹8,00,000 वार्षिक कर दिया गया है, जबकि पहले यह सीमा ₹6,00,000 सालाना थी. पंचायती राज संस्थाओं में पिछड़ा वर्ग A को 8% और पिछड़ा वर्ग B को 5% आरक्षण दिया जा रहा है. साथ ही, उनकी जनसंख्या के 50% के अनुपात में पंच पद पर भी आरक्षण प्रदान किया जा रहा है.
श्रेष्ठ विद्यार्थियों को किया सम्मानित
जो विद्यार्थी पिछड़े वर्ग से संबंध रखते हैं और जिनके परिवार की सालाना आय ₹3,00,000 तक है. उनकी पढ़ाई के लिए ₹15,00,000 तथा विदेशी पढ़ाई के लिए ₹20,00,000 तक का ऋण 4% वार्षिक ब्याज दर पर उपलब्ध करवाया जा रहा है. इस दौरान मुख्यमंत्री ने 10वीं और 12वीं में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले गोस्वामी समाज के विद्यार्थियों को सम्मानित किया.
