नूंह | पंजाब में आई भीषण बाढ़ से प्रभावित लोगों की मदद के लिए हरियाणा के नूंह जिले के लोग बढ़- चढ़ कर सहयोग कर रहे हैं. खासकर बुजुर्ग महिलाएं अपने गहनों का दान कर मानवता की सेवा की मिसाल कायम कर रही है. यहां तिलकपुरी गांव की 75 वर्षीय रहीमी ने अपनी चांदी की चूड़ी पंजाब में बाढ़ से पीड़ित लोगों के लिए दान कर दी है.
भावुक होते हुए उन्होंने कहा कि ये चूड़ियां किसी गरीब की लड़की की शादी के लिए बचाकर रखी थी, लेकिन अब लगा कि पंजाब के लोगों को इसकी ज्यादा जरूरत है. वो खुद 1995 की बाढ़ झेल चुकी है और अच्छी तरह समझती है कि संकट की घड़ी में मदद का क्या मतलब होता है.
गहनों का सुनहरा दान
इसी तरह सोहना ब्लॉक के नुनेहरा गांव की 70 और 80 साल की महिलाओं ने लगभग 2 किलोग्राम चांदी और 20 ग्राम सोना यानि लगभग 5 लाख रुपये का दान बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए दिया है. उन्होंने कहा कि जैसे बेटियों को गहने दिए जाते हैं, वैसे ही अब मानवता की भलाई के लिए दान कर दिए हैं.
गहनों के अलावा, मेवात की बुजुर्ग महिलाएं अपनी मेहनत और हुनर से भी दान कर रही है. तिलकपुरी की 72 वर्षीय मेहराम ने कहा कि उनके पास दान करने के लिए गहने तो नहीं है, लेकिन उन्होंने अपने हाथों से तैयार की गुदड़ी दान की हैं जो बाढ़ के बाद ठंड से बच्चों को बचाएगी. इसके अलावा, हफ्तों तक टिकी रहने वाली सूखी रोटियां (रोट) राहत ट्रकों में भेजी गई है.
प्रशासन ने की सराहना
नूंह (मेवात) जिले की बात करें, तो यहां से पंजाब में बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए 250 से ज्यादा ट्रक राहत सामग्री के भेजे जा चुके हैं. नूंह के डिप्टी कमिश्नर अखिल पिलानी ने इस मानवीय प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि आदमी और औरत पंजाब के पीड़ितों की सेवा में पूरे समर्पण से जुड़े हुए हैं.
