भाजपा का गठबंधन टूटने के बाद अब हो सकता है, हरियाणा में बड़ा फेरबदल जाने

कुरुक्षेत्र | भाजपा पहले ही किसान आंदोलन के कारन बैकफुट पर है ऊपर से एक नई मुसीबत भी भाजपा के सामने आने की संभावना है शिरोमणि अकाली दल और भाजपा के लगभग 22 साल पुराने राजनीतिक रिश्ते टूटने के साथ अब हरियाणा राजनीती में भी अकाली दल ताल ठोंकते हुए नजर आ रहा है .

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आपको बता दे की अकाली दल अब हरियाणा में अपने पुराने साथी इनलो के साथ मिलकर चुनाव लड़ सकता है. यदि अकाली दल इनलो के साथ मिलकर चुनावी मैदान में आता है तो इससे जजपा और भाजपा के गठबंधन को कड़ी टक्कर मिल सकती है.

इनलो व् अकाली दल के नेताओ के पारिवारिक संबंध बहुत ही अच्छे है. दोनों ही परिवार चाहे राजनीतिक तौर पर अकेले लाडे है परन्तु उनके पारिवारिक रिश्तो में कही कोई दरार नहीं आई. आप सभी अच्छी तरह जानते है इनलो के टूटने के बाद जजपा यानि जननायक जनता पार्टी आस्तित्व में आई थी.

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यदि हरियाणा में इनलो और अकाली दल मिलकर इस बार चुनावी मैदान में उतरते है तो कही न कही कांग्रेस और भाजपा के लिए खतरे की घंटी बजा सकते है |