आज देश में धूमधाम से मनाया जा रहा गोवर्धन पूजा का पर्व, यहां जाने पूजा का शुभ मुहर्त

ज्योतिष | हिंदू पंचांग के अनुसार, हर साल कार्तिक महीने के शुक्ल पक्ष की प्रतिपादन तिथि को गोवर्धन पूजा का पावन पर्व मनाया जाता है. आमतौर पर यह पर्व दिवाली के अगले दिन होता है, परंतु इस साल अमावस्या तिथि 2 दिनों तक रहने की वजह से लोगों के बीच गोवर्धन पूजा को लेकर काफी संचय बना हुआ है. आज की इस खबर में हम आपको गोवर्धन पूजा की सही तिथि के साथ- साथ शुभ मुहूर्त के बारे में भी विस्तार से जानकारी देने वाले है.

Govardhan Puja

गोवर्धन पूजा

हिंदू पंचांग के अनुसार, कार्तिक शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि इस साल 21 अक्टूबर को शाम 5:54 मिनट से शुरू हुई है, जो 22 अक्टूबर की रात 8:16 मिनट तक रहेगी. ऐसे में उदयातिथि के अनुसार, गोवर्धन का पर्व 22 अक्टूबर को मनाया जाना ही ज्यादा उत्तम रहने वाला है.

देश के अधिकतर हिस्सों में आज गोवर्धन का पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है. पूजा के शुभ मुहूर्त की बात की जाए, तो दोपहर 3:13 मिनट से शाम 5:49 मिनट तक शुभ मुहूर्त रहने वाला है. कार्तिक शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि इस वर्ष 21 अक्टूबर को शाम 5:54 मिनट से शुरू हुई थी. गोवर्धन पूजा को देश के अलग- अलग हिस्सों में अलग तरीकों से मनाया जाता है.

भगवान कृष्ण की लीलाओं से जुड़ा

गोवर्धन पूजा की कहानी भगवान कृष्ण की लीला से जुड़ी हुई है, जिन्होंने इंद्र देव के क्रोध से ब्रजवासियों और पशुओं की रक्षा के लिए अपनी छोटी उंगली पर गोवर्धन पर्वत उठाया था. इंद्र देव ने भारी बारिश कर ब्रज को नष्ट करने का प्रयास किया, लेकिन कृष्ण ने पर्वत को उठाकर सबकी रक्षा की. अंत में इंद्र को अपनी भूल का एहसास हुआ और उन्होंने क्षमा मांगी, तभी से हर साल दिवाली के अगले दिन गोवर्धन पूजा और अन्नकूट का पर्व मनाया जाता है.

डिस्केलमर: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं विभिन्न माध्यमों/ ज्योतिषियों/ पंचांग/ प्रवचनों/ मान्यताओं/ धर्मग्रंथों पर आधारित हैं. Haryana E Khabar इनकी पुष्टि नहीं करता है.

Avatar of Meenu Rajput
Meenu Rajput
View all posts

मेरा नाम मीनू राजपूत है. हरियाणा ई खबर के साथ पिछले 6 साल से कंटेंट राइटर के पद पर काम कर रही हूँ. मैं यहाँ पर ज्योतिष, फाइनेंस और बिजनेस से जुडी न्यूज़ कवर करती हूँ.