चंडीगढ़ | हरियाणा इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (HERC) ने रूफटॉप सोलर ग्रिड इंटरएक्टिव सिस्टम्स (नेट मीटरिंग/ ग्रॉस मीटरिंग आधारित) रेगुलेशंस 2021 में दूसरा संशोधन जारी किया है. इस बदलाव से रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने वाले उपभोक्ताओं को अधिक लाभ मिलेगा. खासकर अधिशेष बिजली की बिक्री और सेटलमेंट प्रक्रिया में फायदा पहुंचेगा.
यह कदम केंद्र सरकार की पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से जुड़कर राज्य में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देगा और पर्यावरण संरक्षण में योगदान देगा.
यह था पुराना नियम
पुराने नियमों की बात करें तो 2021 के मूल रेगुलेशंस में सेटलमेंट पीरियड वित्तीय वर्ष यानि 1 अप्रैल से 31 मार्च तक था. इसमें रूफटॉप सोलर से उत्पन्न बिजली की मात्रा उपभोक्ता की वार्षिक खपत के 90% तक ही एडजस्ट की जा सकती थी. इससे अधिक उत्पन्न बिजली व्यर्थ हो जाती थी या उसका कोई मुआवजा नहीं मिलता था. रेगुलेशन 11.1 (A) में यह कैप लगाया गया था, जो उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी बाधा थी. यदि कोई उपभोक्ता सिस्टम छोड़ता था, तो उसकी अप्रयुक्त क्रेडिट यूनिट्स लैप्स हो जाती थी. कोई भुगतान या एडजस्टमेंट नहीं होता था.
हरियाणा में नया संशोधन
नए संशोधन में कई सकारात्मक बदलाव किए गए है. सबसे पहले रेगुलेशन 2.1 (AB) में सेटलमेंट पीरियड की परिभाषा बदली गई है. अब यह कैलेंडर वर्ष के एक अक्तूबर से अगले वर्ष के 30 सितंबर तक होगा. नए कमीशंड सिस्टम के लिए यह कमीशनिंग की तिथि से अगले 30 सितंबर तक रहेगा. यह बदलाव मौसम के अनुसार सौर उत्पादन को बेहतर तरीके से एलाइन करेगा क्योंकि गर्मी के महीनों में सौर ऊर्जा अधिक उत्पन्न होती है.
एनर्जी अकाउंटिंग से जुड़े रेगुलेशन में बड़े बदलाव हैं. रेगुलेशन 11.1 (A) को पूरी तरह हटा दिया गया है, जिससे वार्षिक खपत के 90% की कैप खत्म हो गई है. अब उपभोक्ता जितनी अधिक सौर ऊर्जा उत्पन्न करेंगे, उतना अधिक लाभ मिलेगा. रेगुलेशन को संशोधित कर अनएडजस्टेड नेट क्रेडिट यूनिट्स को डिस्ट्रीब्यूशन लाइसेंसी (जैसे DHBVN व UHBVN) द्वारा 90% फीड- इन टैरिफ पर खरीदा जाएगा, जैसा रेगुलेशन में निर्धारित है.
रूफटॉप सोलर को मिलेगा बढ़ावा
हर सेटलमेंट पीरियड की शुरूआत अक्तूबर में कैरी फॉरवर्ड इंजेक्टेड बिजली की संचित मात्रा को जीरो री- सेट कर दिया जाएगा. इससे सालाना सेटलमेंट क्लियर और पारदर्शी होगा. रेगुलेशन में बदलाव से यदि कोई उपभोक्ता सिस्टम छोड़ता है, तो उसकी अप्रयुक्त क्रेडिट यूनिट्स को भी 90% फीट इन टैरिफ पर मुआवजा दिया जायेगा जबकि पहले यह लैप्स हो जाती थी.
ये बदलाव फोरम ऑफ रेगुलेटर्स के 2024 मॉडल रेगुलेशंस से प्रेरित हैं. जहां अधिशेष ऊर्जा को 75% पर खरीदने का प्रस्ताव था, लेकिन हरियाणा ने इसे 90% रखा है, जो उपभोक्ताओं के हित में है. यह संशोधन राज्य में रूफटॉप सोलर को बढ़ावा देगा. हरियाणा का रूफटॉप सोलर के लिए लक्ष्य वित्त वर्ष 2026- 27 तक 2.2 लाख रूफटॉप सौर ऊर्जा इकाइयों की स्थापना करना है.
