नई दिल्ली | श्री माता वैष्णो देवी के दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक जरूरी खबर सामने आई है. नव वर्ष पर आने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने नियमों में कुछ बदलाव किए है. नए नियमों के अनुसार, RFID यात्रा कार्ड जारी होने के बाद श्रद्धालुओं को 10 घंटे के अंदर ही यात्रा शुरू करनी होगी और दर्शन करने के बाद 24 घंटे के अंदर कटड़ा बेस कैंप में पहुंचना होगा. बोर्ड का कहना है कि नए साल से पहले ही श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही है, जिसके चलते भीड़ प्रबंधन और यातायात में दिक्कत आ रही है. आगे संख्या ओर बढ़ेगी इसीलिए बोर्ड ने यह कदम उठाया है.

श्री माता वैष्णो देवी दर्शन का पुराना नियम
पुराने नियम के अनुसार, पहले RFID यात्रा कार्ड जारी होने के बाद यात्रा के लिए कोई समय- सीमा निर्धारित नहीं की गई थी. श्रद्धालुओं के लिए कोई समय का प्रतिबंध नहीं था. श्रद्धालु अपनी सुविधा के अनुसार यात्रा कर सकते थे और दर्शन करके वापस लौट सकते थे. कई बार तो श्रद्धालु कई- कई दिनों तक भवन एरिया में रुक भी जाते थे, जिससे ट्रैक पर भीड़- भाड़ की स्थिति होती थी.
क्या होता है RFID?
RFID कार्ड एक ऐसी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस होती है, जो रेडियों तरंगों का उपयोग करके बिना छुए किसी व्यक्ति या वस्तु की पहचान करता है और डेटा को पढ़ता है. इसमें एक चिप होती है जो रीडर से सिग्नल लेकर डेटा ट्रांसफर करता है. वैष्णो देवी यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को यात्रा शुरू करने से पहले यात्रा भवन से कार्ड लेना जरूरी होता है. यह श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए जरूरी होता है क्योंकि इसकी सहायता से श्रद्धालुओं की संख्या, उनकी लाइव लोकेशन का पता चलता है.
नए नियमों का फायदा
नया नियम भीड़- भाड़ से श्रद्धालुओं की यात्रा सुरक्षित करेगा और इमरजेंसी में श्रद्धालुओं की मदद आसानी से हो पाएगी. दर्शन जल्दी- जल्दी होंगे, जिससे बच्चों और बुजुर्गों को सुविधा होगी. साथ ही, बोर्ड ने कटड़ा रेलवे स्टेशन पंजीकरण केंद्र रात के 12 बजे तक खोलने का निर्णय लिया है. अब नए साल पर भीड़ में यह नियम श्रद्धालुओं की परेशानी कम करेगा और श्रद्धालु दर्शन भी आसानी से कर पाएंगे.