चंडीगढ़ | हरियाणा में अग्निवीरों के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है. अग्निपथ योजना के तहत, 4 साल की नौकरी करने वाले युवाओं के भविष्य को लेकर उठ रहे सवालों के बीच हरियाणा सरकार ने निर्णायक कदम उठाया है. राज्य सरकार ने देश में पहला ऐसा कदम उठाया है, जिससे अग्निवीरों को सेवा के बाद स्थायी रोजगार और करियर सुरक्षा मिलेगी.
हरियाणा सरकार की नई अग्निवीर नीति
हरियाणा सरकार में सैनिक एवं अर्द्ध- सैनिक कल्याण मंत्री राव नरबीर सिंह ने बताया कि अग्निपथ सिर्फ भर्ती योजना नहीं, बल्कि युवाओं को अनुशासन, नेतृत्व और राष्ट्र सेवा के संस्कार देने का एक महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म है. हरियाणा सरकार ने तय किया है कि चार साल की सेवा अधूरी नहीं छोड़नी, बल्कि सेवा समाप्त होने के बाद अग्निवीरों को सीधे सिविल करियर से जोड़ने का मार्ग प्रशस्त किया जाएगा.
उन्होंने बताया कि इस दिशा में राज्य ने ‘हरियाणा अग्निवीर नीति- 2024’ तैयार की है जिसे अगस्त 2026 से लागू किया जाएगा. इस नीति के तहत अग्निवीरों को सरकारी नौकरियों, निगमों, बोर्डों और विभिन्न विभागों में प्राथमिकता के आधार पर रोजगार के अवसर दिए जाएंगे. पुलिस, जेल और अन्य विभागों में अग्निवीरों को आरक्षण को लाभ देने की व्यवस्था की गई है.
हरियाणा से हर 10वां सैनिक
कैबिनेट मंत्री राव नरबीर ने बताया कि हरियाणा की सीमित जनसंख्या के बावजूद भारतीय सेना में हर 10वां सैनिक इस राज्य से हैं. हमारी सरकार का संदेश साफ हैं कि अग्निवीर की वर्दी उतरेगी लेकिन सम्मान, अनुशासन और रोजगार के अवसर हमेशा रहेंगे. इस नीति से न केवल अग्निवीरों का भविष्य सुरक्षित होगा, बल्कि यह राज्य में सैन्य परंपरा और राष्ट्र सेवा के प्रति युवाओं की प्रतिबद्धता को भी और मजबूत बनाएगी.
