कुरुक्षेत्र | हरियाणा की धर्मनगरी कुरुक्षेत्र में आयोजित हुएं 41वें राज्यस्तरीय पशु प्रदर्शनी मेले में प्रदेशभर से हजारों की संख्या में पशुपालक अपने उच्च नस्ल के पशुओं को लेकर पहुंचे थे. इस मेले में फतेहाबाद जिले के नगोढी गांव से पहुंचा ‘कुबेर’ नाम का झोटा सबके आकर्षण का केंद्र बना हुआ था. यह सिर्फ दिखने में ही खूबसूरत नहीं बल्कि कीमत में भी कई लग्जरी गाड़ियों की कीमत के बराबर हैं. इस झोटे की कीमत में कई लग्जरी गाड़ियां खरीदी जा सकती है.
21 करोड़ रुपए का कुबेर
मालिक विकास ने बताया कि दुनिया के सबसे बड़े पुष्कर पशु मेले में कुबेर ने इंटरनेशनल स्तर पर दुनिया का सबसे अच्छे और महंगे झोटे का खिताब जीता था. इसकी खूबसूरती का आलम यह है कि जो भी एक बार इसे देख लेता हैं, बस देखता ही रह जाता है. उन्होंने बताया कि इटली के मिडयेटर के साथ आंध्र प्रदेश की एक पार्टी ने इस झोटे को खरीदने के लिए 21 करोड़ रुपए देने चाहे लेकिन उन्होंने इसे बेचने से साफ मना कर दिया था. इससे पहले भी उसकी 11 करोड़ रुपए कीमत लग चुकी है लेकिन वो अपने कुबेर को बेचना नहीं चाहते हैं.
उन्होंने बताया कि वो कुबेर के सीमन से प्रत्येक महीने लगभग 20 लाख रुपए की कमाई कर रहे हैं. उसका सीमन इंडिया ही नहीं बल्कि इटली, इंग्लैंड और अमेरिका जैसे देशों में भी जाता है. कुबेर ने उनका नाम पूरी दुनिया में रोशन किया है. वो इसका अपने परिवार के सदस्य की तरह पालन-पोषण करते हैं. इसकी मां ने भी 23 लीटर दूध देकर अपने समय में रिकॉर्ड बनाया था.
खूबसूरती पर फिदा हैं लोग
विकास ने बताया कि कुबेर को खाने में विशेष फीड दी जाती है. उसको हर रोज 250 ग्राम घी मिलाकर 7 लीटर दूध पिलाया जाता है ताकि वह स्वस्थ रहें और उसकी त्वचा मुलायम बनी रहें. सर्दियों में उसे खाने के लिए गाजर और सप्ताह में एक दिन ड्राई फ्रूट्स खिलाएं जाते हैं. रोजाना कुबेर को 5 किलोमीटर सैर और 2 घंटे सरसों तेल से मालिश की जाती है. इसके रहने की जगह पर साफ-सफाई और तापमान का विशेष ख्याल रखा जाता है.
कुबेर सुंदरता के मामले में दूसरे झोटे से कहीं अलग हैं. उसकी खूबसूरती से उसे लगभग हर पशु मेले में सुंदरता की श्रेणी में प्रथम पुरस्कार मिलता है. साढ़े 8 फीट लंबाई और साढ़े 5 फीट ऊंचे कुबेर के सीमन से अब तक तीन हजार से ज्यादा बच्चे पैदा हो चुके हैं और आगे भी इससे अच्छी नस्ल के बच्चे पैदा होने का सिलसिला जारी ही रहेगा.
