भिवानी | हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (HBSE) की परीक्षाओं में नकल पर नकेल कसने के लिए इस बार बोर्ड प्रशासन काफी सख्त है. पिछले साल पूरे प्रदेश में 35 परीक्षा केंद्रों को नकल में संलिप्त पाया था. इस बार इन सेंट्ररों को ब्लैक लिस्ट कर दिया गया है. इस बार कुछ नए एग्जाम सेंटर बनाए गए हैं. प्राइवेट स्कूलों में बने परीक्षा केंद्रों के लिए सीसीटीवी कंपल्सरी है.
केंद्रों के खिड़की दरवाजे बिल्कुल सही हों और केंद्र पर चहारदीवारी होनी जरूरी है. बोर्ड द्वारा इस बार 1431 परीक्षा केंद्र बनाए गई हैं जहां लगभग 5 लाख 66 हजार 411 परीक्षार्थी परीक्षा में हिस्सा लेंगे.
आज से शुरू हो रही परीक्षाएं
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की 10वीं, 12वीं एवं डीएलएड की वार्षिक परीक्षाएं शुरू होने जा रही हैं. इनमें 25 फरवरी यानि आज से 12वीं कक्षा और 26 फरवरी से 10वीं की परीक्षाएं शुरू होंगी. 10वीं, 12वीं (शैक्षिक मुक्त विद्यालय) की वार्षिक परीक्षाओं में 2 लाख 96 हजार 593 लड़के और 2 लाख 69 हजार 18 लड़कियां परीक्षार्थी शामिल होंगे. डीएलएड (रि- अपीबर) की परीक्षा में 5356 छात्र- अध्यापक परीक्षा में हिस्सा लेंगे. एग्जाम दोपहर 12:33 से 3:30 बजे तक आयोजित होगा.
इलेक्ट्रॉनिक सामान के प्रयोग पर रोक
परीक्षार्थी को परीक्षा शुरू होने से 30 मिनट पहले परीक्षा केंद्र पर पहुंचना आवश्यक है. एडमिट कार्ड पर तिथि अनुसार, परीक्षार्थी एवं पर्यवेक्षक के साइन होने अनिवार्य है. परीक्षा केन्द्र में इलेक्ट्रानिक्स सामान जैसे मोबाइल, कैलकुलेटर, स्मार्ट वाच आदि के इस्तेमाल पर रोक रहेगी. बिना प्रवेश- पत्र के प्रवेश नहीं मिलेगा. परीक्षा केंद्रों के औचक निरीक्षण के लिए 320 उड़नदस्ते गठित किए गए है. सभी परीक्षा केन्द्रों के आसपास धारा 163 लगाई गई है. परीक्षा केंद्रों के पास की फोटोस्टेट की दुकाने व कोचिंग सेंटर भी बंद रहेंगे.
ग्राम पंचायतो से भी की गई अपील
बोर्ड अधिकारियों ने नकल रहित परीक्षा के लिए सभी ग्राम पंचायतों से भी अपील की है. बोर्ड ने सभी ग्राम पंचायतों से परीक्षा के नकल रहित व सुचारू रूप से संचालन में सहयोग देने की अपील की है. हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन प्रो. पवन कुमार ने बताया कि परीक्षाओं को नकल रहित कराने के लिए इस बार स्पेशल सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं. ज्यादातर एग्जाम सेंटर पर परीक्षा सीसीटीवी कैमरो की निगरानी में आयोजित होगी. इस दौरान कुछ चुनौतियां भी देखने को मिल रही है.
होगा क्यू आर कोड
जैसे ग्रामीण ही नहीं शहरी क्षेत्र के सरकारी स्कूलों में कई खिड़कियां टूटी हुई हैं इनकी मरम्मत नहीं कराई गई है. यहां से बाहरी हस्तक्षेप रोकना चैलेंज है. इस बार भी प्रश्न पत्र पर क्यू आर कोड होगा. क्वेश्चन पेपर पर अल्फा न्यूमेरिक कोड, कयू आर कोड और हिंडन सिक्योरिटी पीचर भी शामिल किए गए है. इससे अगर कोई परीक्षार्थी, पार्यविक्षक, कर्मचारी व अन्य कोई व्यक्ति इस पत्र की फोटो लेता है तो तुरंत पता लग जाएगा कि क्वेश्चन पेपर किस परीक्षार्थी का है और वह कहां से आउट हुआ है. ऐसे में बोर्ड द्वारा नकल रोकने के लिए कई प्रकार के प्रबंध किए गए हैं.
