नई दिल्ली | आजकल भारत में आपको हर जगह एलपीजी सिलेंडरों की खबरें देखने को मिल रही है, इसी बीच अब लोगों ने बिजली से चलने वाला इंडक्शन चूल्हा खरीदना भी शुरू कर दिया है. कुछ लोगों का कहना है कि ऐसा करने से कहीं बिजली की कमी ना हो जाए, परंतु इस पर सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में मांग से दुगनी बिजली बनाने की क्षमता है. आज हम आपको इसी के बारे में विस्तार से जानकारी देने वाले है.
हमारे पास पर्याप्त बिजली: सरकार
सरकार ने स्पष्ट किया कि देश में मांग से दुगनी बिजली बनाने की क्षमता है. मौजूदा समय में हम ऐसी स्थिति में है कि चाहे बिजली की कितनी भी डिमांड क्यों ना हो, हम उसे पूरी कर सकते हैं. देश में अभी सभी तरह के पावर प्लांट की इंस्टॉल्ड कैपेसिटी 5,24,009.01 मेगा वॉट की है. जबकि बीती 12 मार्च को सुबह 10:00 बजे भारत में पिक डिमांड 236203 मेगावाट दर्ज की गई थी. इसका मतलब स्पष्ट है कि हमारे पास तकरीबन डिमांड से ज्यादा कैपेसिटी मौजूद है.
LPG सिलेंडर की किल्लत से नहीं है परेशान होने की आवश्यकता
जितनी भी बिजली की आवश्यकता होगी उतनी हम बना लेंगे. सरकार की तरफ से अक्षर ऊर्जा खास तौर पर सौर ऊर्जा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, परंतु इसमें परेशानी यह भी है कि धूप दिन के 24 घंटे में नहीं मिलती है. बस आपको कुछ ही घंटे में धूप मिलती है. इसलिए हमें लगता है कि यदि परमाणु बिजली घर लगाया जाए, तो इसे हम जब चाहे उतनी बिजली आसानी से बना लेंगे बिल्कुल थर्मल की तरह ही. इसमें करीब 8 गीगा वोट की क्षमता है और 12 गीगावोट की क्षमता की परियोजनाएं अभी पाइपलाइन में मौजूद है.
हर राज्य में होना चाहिए एक परमाणु बिजली घर
जानकारी देते हुए बताया गया कि साल 2027 तक भारत में परमाणु ऊर्जा की क्षमता 100 गीगावोट की होगी. केंद्र सरकार की तरफ से मौजूदा समय में सभी राज्यों को प्रोत्साहित भी किया जा रहा है कि वह अपने यहां कम से कम एक परमाणु बिजली घर तो अवश्य लगे. आप जब भी सोशल मीडिया को ओपन करते हैं तो आपको हर जगह एलपीजी सिलेंडर की किल्ल्त की वीडियो देखने को मिलती है. अगर इस प्रकार की कोई परेशानी आती भी है, तो आप बिजली का इंडक्शन अपने घर ला सकते हैं क्योंकि बिजली की कोई भी कमी नहीं होगी. हमारे पास पर्याप्त साधन मौजूद है.
