चंडीगढ़ | पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने बिजली के करंट से दिव्यांग हुई एक बच्ची के मुआवजे को लेकर हुई सुनवाई पर बड़ा फैसला सुनाया है. हाईकोर्ट ने तमाम पहलुओं पर गंभीरता से विचार करते हुए दिव्यांग हुई बच्ची को 99.93 लाख रुपए मुआवजा राशि देने का आदेश जारी कर पीड़ित परिवार को बड़ी राहत प्रदान की है.
बिजली विभाग की लापरवाही
महेंद्रगढ़ जिले के अटेली क्षेत्र के गांव नावदी निवासी राजकुमार ने बताया कि साल 2022 में बेटी अंशु घर की छत पर खेल रही थी. इस दौरान घर के पास से गुजर रही 11 हजार वोल्टेज kV हाइटेंशन लाइन की चपेट में आने पर उसे करंट लग गया था. इस हादसे में बेटी अंशु का दाहिना हाथ कंधे से काटना पड़ा था और वह 92% दिव्यांग हो गई थी. इस हादसे के बाद उसकी पढ़ाई प्रभावित हुई क्योंकि उसे लगातार इलाज के लिए अस्पताल ले जाना पड़ता था.
हाईकोर्ट में दी चुनौती
इस हादसे को लेकर पहले जिला कोर्ट में याचिका दायर की गई थी. जिसपर पहले बिजली निगम ने अपनी नीति के तहत 18.92 लाख रुपए का मुआवजा दिया था, जिसे पीड़ित पक्ष ने अपर्याप्त बताते हुए हाईकोर्ट में चुनौती दी थी. पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान माना कि हादसा बिजली निगम की लापरवाही से हुआ क्योंकि हाईटेंशन लाइन घर के बेहद नजदीक थी और इससे बचाव के लिए जरूरी सुरक्षा उपाय नहीं किए गए थे. हाईकोर्ट ने कहा कि ऐसी खतरनाक सेवाएं संचालित करने वाली एजेंसियों की जिम्मेदारी लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है.
1 करोड़ रुपए मिलेगी मुआवजा राशि
मुआवजा राशि निर्धारित करते समय हाईकोर्ट ने बच्ची अंशु की संभावित आय 20 हजार रुपए प्रति महीना मानते हुए 40% भविष्य संभावनाएं जोड़ी और 18 के गुणक से गणना की. देखभाल, इलाज, दर्द- पीड़ा, कृत्रिम अंग और जीवन सुविधाओं के नुकसान सहित विभिन्न मदों को शामिल किया गया. हाईकोर्ट ने निर्देश दिए कि पूरी राशि पर साढ़े 7% ब्याज सहित 3 महीने में भुगतान किया जाए. इसमें से 90% रकम FD में रखी जाएगी जबकि ब्याज से हर माह 30 हजार रुपए बच्ची की देखभाल और शिक्षा पर खर्च किए जाएंगे.
