भिवानी | हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (HBSE) ने नए सत्र से शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. दरअसल HBSE अब नए सत्र से स्मार्ट पुस्तकों को लागू करने जा रहा है. यह पहल मेघालय शिक्षा बोर्ड की तर्ज पर शुरू की जा रही है. इन स्मार्ट पुस्तकों में कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए प्रत्येक प्रश्न के साथ QR कोड दिया जाएगा.
QR कोड से छात्र समझ सकते है प्रश्न
किसी भी प्रश्न को समझने में कठिनाई होने पर छात्र उस QR कोड को स्कैन कर सीधे अपने मोबाइल पर संबंधित पाठ का वीडियो लेक्चर देख सकेंगे. इससे उन्हें शिक्षक पर निर्भर रहने की आवश्यकता कम होगी और वे स्वयं भी पढ़ाई कर सकेंगे. इससे विद्यार्थियों को काफी हद तक सहायता मिलेगी.
बोर्ड अध्यक्ष डॉ. पवन कुमार ने बताया कि इन स्मार्ट पुस्तकों के साथ वर्चुअल लैब की सुविधा भी दी जाएगी, जिससे विद्यार्थी तकनीकी गतिविधियों, इंटरनेट और AI से जुड़ी जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकेंगे. फिलहाल इन पुस्तकों का प्रकाशन कार्य अंतिम चरण में है.
त्रिभाषीय फार्मूला लागू
नए सत्र से राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2010 के तहत त्रिभाषीय फार्मूला भी लागू होगा. कक्षा 9वीं और 10वीं के छात्रों को हिंदी और अंग्रेजी के साथ संस्कृत, पंजाबी या उर्दू में से एक भाषा पढ़नी होगी. अब छात्रों का मूल्यांकन 5 की बजाय 6 विषयों के आधार पर किया जाएगा.
बोर्ड ने प्रदेश के 8 विशेष विद्यालयों में पढ़ रहे मूक-बधीर यानि सुनने और बोलने में असमर्थ बच्चों के लिए भी अलग पठन-पाठन योजना लागू करने का निर्णय लिया है. इन बच्चों को भाषा का चुनाव करने की आजादी होगी. उनके लिए इंडियन साइन लैंग्वेज को पाठ्यक्रम में एक विषय के रूप में शामिल किया जाएगा, जिससे उन्हें पढ़ाई में सुविधा मिल सके. इस तरह HBSE डिजिटल और आधुनिक शिक्षा की दिशा में एक बड़ा कदम उठा रहा है.
