हरियाणा में सस्ती जमीन दे महंगी लेने का फर्जीवाड़ा होगा खत्म, अदला- बदली के लिए लेनी होगी मंजूरी

चंडीगढ़ | हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र का सफलतापूर्वक आयोजन सम्पन्न हुआ जिसमें 13 दिन तक लगभग 55 घंटे विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई. बजट सत्र की समाप्ति के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नायब सैनी ने बताया कि सत्र में तीन महत्वपूर्ण प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए. इनमें आवासन बोर्ड को भंग करने, सफाई कर्मचारी नियोजन एवं शुष्क शौचालय निर्माण अधिनियम 1993 के निरसन तथा जीएसटी से जुड़े टैक्स ढांचे में संशोधन शामिल हैं. इसके अलावा 5 विधेयक भी बजट सत्र में पारित हुए हैं.

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हरियाणा सरकार से लेनी होगी मंजूरी

प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में अब जमीन की अदला- बदली के लिए भी सरकार से मंजूरी लेनी होगी. बता दें कि विधानसभा के बजट सत्र में हरियाणा नगरीय क्षेत्र विकास तथा विनियमन संशोधन) विधेयक, 2026 पारित किया गया है जिसके अंतर्गत शहरों से लगते अधिसूचित क्षेत्रों में अवैध कालोनियों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से जमीन लेने का फर्जीवाड़ा खत्म करने के लिए धारा 7-A में संशोधन किया गया है.

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संशोधित कानून

नए कानून के तहत अब एक एकड़ से कम भूमि को बदलने के लिए भी नगर एवं ग्राम नियोजन निदेशक या सक्षम प्राधिकारी से अनुमति लेनी होगी. संशोधित कानून 30 जनवरी से लागू होगा, जिसमें धारा 7- A में ‘पट्ट’ के बाद ‘या विनिमय विलेख’ शब्द जोड़ा गया है. प्रदेश सरकार के इस फैसले से सस्ती जमीन दें महंगी लेने के फर्जीवाड़े पर रोक लगाने में मदद मिलेगी.

हरियाणा परियोजना भूमि समेकन (विशेष उपबंध) संशोधन विधेयक का उद्देश्य किसी परियोजना को स्थापित करने की वजह से रह गए भू- खंडों को समेकित करने तथा उससे संबंधित या उससे अनुवांशिक मामलों के लिए विशेष उपबंध करना है.

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Ajay Sehrawat
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मेरा नाम अजय सहरावत है. मीडिया जगत में पिछले 6 साल से काम कर रहा हूँ. बीते साढ़े 5 साल से Haryana E Khabar डिजिटल न्यूज़ वेबसाइट के लिए बतौर कंटेंट राइटर के पद पर काम कर रहा हूँ.