खुशखबरी: हरियाणा में मछली पालकों को मिलेगी सस्ती बिजली, जानें क्या होगी नई दरें

हिसार | हरियाणा की नायब सैनी सरकार सूबे में मछली पालन व्यवसाय को बढ़ावा देने की दिशा में निरंतर नए प्रयास कर रही है. हाल ही में मछली पालन व्यवसाय से जुड़ी सब्सिडी सहित कई नई सेवाओं को हरियाणा अधिकार सेवा अधिनियम, 2014 के तहत अधिसूचित किया गया था जिसमें सघन मत्स्य पालन विकास कार्यक्रम के अन्तर्गत लोडिंग ऑटो, चारपहिया वाहन और ट्रॉली के साथ मिनी ट्रेक्टर पर सब्सिडी राशि का लाभ 40 दिनों के भीतर मिलेगा. आइस प्लांट के लिए सब्सिडी राशि 50 दिन में जारी कर दी जाएगी.

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सस्ती दरों पर मिलेगी बिजली

प्रदेश सरकार ने उन लोगों के हित में एक बड़ा फैसला लिया है जो मछली पालन तो कर रहे हैं परंतु बोरवेल चलाने के गैर कृषि फीडर से बिजली ले रहे हैं. ऐसे लोगों को राहत देने के लिए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है. मछली पालन व्यवसाय करने वाले लोगों के लिए कनेक्शन लोड सीमा 20 किलोवाट से बढ़ाकर 40 किलोवाट करने के साथ ही बिजली दरों में भी रियायत देने का फैसला लिया है.

अभी मछली पालन व्यवसाय करने वालों को 6.60 पैसे प्रति यूनिट के दर से बिजली बिल का भुगतान करना पड़ रहा है लेकिन जल्द ही इसे घटाकर 4.75 पैसे प्रति यूनिट कर दिया जाएगा. प्रदेश सरकार का कहना है कि इस कदम से लगभग 5 हजार मछली पालन व्यवसाय करने वालों को राहत पहुंचेगी और मछली पालन व्यवसाय की ओर ज्यादा लोग आकर्षित होंगे.

FPO का दर्जा देगी सरकार

यही नहीं मछली पालन व्यवसाय करने वालों को प्रदेश सरकार किसान उत्पादक संगठन (FPO) कृषि उद्योग का दर्जा देने की तैयारी कर रही है. बता दें कि प्रदेश में नूंह, झज्जर, भिवानी, हिसार, फतेहाबाद, सिरसा सहित सात जिले ऐसे हैं जहां भूमि लवणीय हो चुकी है और यहां बारिश का पानी भरने से किसान कोई भी फसल नहीं उगा पाते हैं. ऐसे में अब इन जिलों के किसानों ने मछली पालन व्यवसाय शुरू कर दिया है जो धीरे- धीरे एक तरह से कृषि उद्योग बन चुका है. झींगा मछली काफी महंगी बिकती है. इसलिए मछली पालक इस मछली को खेतों में बनाए गए तालाब में डालकर अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर रहे हैं.

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जब बारिश कम होती है तो मछली पालकों के सामने पानी का संकट खड़ा हो जाता है. ऐसे में किसानों को बोरवेल का सहारा लेना पड़ता है. इनमें से ज्यादातर किसान ऐसे हैं जो गैर कृषि फीडर से बिजली ले रहे हैं. ऐसे किसानों को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से सीएम नायब सैनी के निर्देश पर यह योजना तैयार की गई है. प्रदेश सरकार कृषि फीडर से बिजली लेने वाले मछली पालकों को पहले से ही मात्र 10 पैसे प्रति यूनिट के हिसाब से बिजली दे रही है.

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Ajay Sehrawat
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मेरा नाम अजय सहरावत है. मीडिया जगत में पिछले 6 साल से काम कर रहा हूँ. बीते साढ़े 5 साल से Haryana E Khabar डिजिटल न्यूज़ वेबसाइट के लिए बतौर कंटेंट राइटर के पद पर काम कर रहा हूँ.