नई दिल्ली | भारतीय रेलवे में प्रमोशन का इंतजार कर रहे कर्मचारियों के लिए एक नई अपडेट सामने आई है. रेल मंत्रालय ने सामान्य विभागीय प्रतियोगी परीक्षा (JDCE) के पैटर्न में पूरी तरह से बदलाव कर दिया है. रेलवे द्वारा नए नियम लागू होने के बाद अब परीक्षा पहले से ज्यादा चुनौतीपूर्ण और प्रतिस्पर्धात्मक हो जाएगी.
रेलवे बोर्ड के डिप्टी डायरेक्टर अजय गोयल द्वारा जारी आदेशानुसार तकनीशियन, JE और पैरामेडिकल सहित ग्रुप C व नॉन ग्रुप C पदों के लिए अब केवल एक चरण की कम्प्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) का आयोजन किया जाएगा. यह परीक्षा RRB की सीधी भर्ती के दूसरे चरण के स्तर के समान होगी जिससे चयन प्रक्रिया और ज्यादा सख्त और पारदर्शी बनेगी.
ALP के नियमों में भी बदलाव
रेलवे बोर्ड द्वारा सबसे महत्वपूर्ण बदलाव अस्सिटेंट लोको पायलट (ALP) और अन्य टेक्निकल पोस्टों की भर्ती के लिए किया गया है. अब इन पदों के लिए 100 अंकों की परीक्षा होगी. जिसमें 100 ही प्रश्न पूछे जाएंगे और हर गलत उत्तर पर एक तिहाई अंक की नेगेटिव मार्किंग लागू होगी. इस परीक्षा के लिए अभ्यर्थियों को 120 मिनट का समय मिलेगा.
इन प्रश्नों का देना होगा जवाब
प्रश्न- पत्र में गणित, इंजिनियरिंग, बेसिक साइंस, सामान्य बुद्धिमत्ता और ट्रेड- विशिष्ट विषयों से लगभग समान अनुपात में सवाल पूछे जाएंगे. वहीं, रेलवे की JDCE भर्ती का नया पैटर्न लागू होने से हरियाणा के 5 जिलों हिसार, रोहतक, पानीपत, अंबाला और यमुनानगर जैसे बड़े रेलवे केंद्रों पर कार्यरत हजारों कर्मचारियों पर इसका सीधा असर पड़ेगा. एक ही चरण की कड़ी परीक्षा से प्रमोशन तय होगा जिससे प्रतिस्पर्धात्मक बढ़ने के साथ तैयारी के लिए भी बहुत ज्यादा मेहनत करनी होगी. तकनीकी विषयों को ज्यादा गहराई से पढ़ना होगा. जो कर्मचारी नई तकनीक और कम्प्यूटर आधारित परीक्षा में सहज हैं उन्हें नए पैटर्न का निश्चित तौर पर लाभ मिलेगा.
