नई दिल्ली | तिरुपति बालाजी मंदिर आंध्र प्रदेश के तिरुमाला पर्वत पर स्थित है. यह बालाजी मंदिर भगवान विष्णु के अवतार श्री वेंकटेश्वर को समर्पित है. यह मंदिर न सिर्फ आस्था का केंद्र है, बल्कि यहां होने वाले चमत्कार विज्ञान को भी सोचने पर मजबूर करते है. यह मंदिर अपने रहस्यमयी तथ्यों के कारण पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है. आइए जानते है रहस्यमयी तथ्य…

तिरुपति बालाजी मंदिर
माना जाता है कि जब भक्त मूर्ति के पीछे कान लगाते है, तो वहां समुद्र की लहरों की आवाज सुनाई देती है जबकि मंदिर समुद्र से काफी दूर है. भगवान वेंकटेश्वर की प्रतिभा के बालों को लेकर मान्यता है कि वे असली है और कभी उलझते नहीं है. पौराणिक कथाओं के अनुसार एक बार भगवान के बाल कट गए थे, तब एक गंधर्व राजकुमारी नीला देवी ने अपने बाल उन्हें अर्पित किए थे. वे बाल आज भी प्रतिमा पर मौजूद है.
पसीने की बूंदे
मंदिर में जाने वाले कई भक्तों की आस्था है कि उन्हें मूर्ति को देखकर ऐसा लगता है मानो भगवान साक्षात विराजमान है. चौंकाने वाली बात यह है कि प्रतिमा पर कपूर जैसी चीजों का भी कोई असर नहीं होता, जबकि सामान्य पत्थर पर इससे दरारें पड़ जाती है.
ऐसा कहा जाता है कि सुबह के अभिषेक के बाद भगवान की मूर्ति पर पसीने की बूंदे दिखाई देती है, जिन्हें पुजारी कपड़े से पोंछते है. इसके अलावा यदि हम मूर्ति को बाहर से देखते है तो वह बीच में प्रतीत होती है, लेकिन वह गर्भगृह के दाहिने हिस्से में स्थित है. इन रहस्यों को लेकर वैज्ञानिक प्रमाण भले ही सीमित हो, लेकिन भक्तों का विश्वास है कि यह सब भगवान की दिव्यता का प्रमाण है. तिरुपति बालाजी मंदिर सिर्फ एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि आस्था, रहस्य और चमत्कारों का संगम है.