महेंद्रगढ़ | दक्षिण हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले की जनता के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है. बता दें कि दशकों के लंबे इंतजार और क्षेत्र के लोगों के निरंतर संघर्ष की बदौलत आखिरकार महेंद्रगढ़ जिला परिवहन व्यवस्था के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने जा रहा है. बता दें कि पिछले दिनों कई अखबारों में महेंद्रगढ़ जिले को परिवहन व्यवस्था के मामले में ‘अनाथ’ की संज्ञा दी गई थी.

इसमें बताया गया था कि महेंद्रगढ़ बस स्टैंड से 350 बसों का आवागमन रहता है लेकिन खुद की एक भी नहीं है. इस बात ने विभाग की कुंभकर्णी नींद को ऐसा झकझोरा कि निदेशालय को तुरंत प्रभाव से सब- डिपो संचालन के आदेश जारी करने पड़े.
नारनौल डिपो से मिलेगी 50 बसें
राज्य परिवहन निदेशालय ने नारनौल डिपो के महाप्रबंधक को निर्देश दिए हैं कि वे अपने बेड़े से 50 बसें महेंद्रगढ़ सब-डिपो को स्थानांतरित करें ताकि यहां से स्वतंत्र रूप से बसों का संचालन शुरू हो सके. अभी महेंद्रगढ़ के लोगों को दूसरे डिपो की बसों के सहारे रहना पड़ रहा है.
CM व विधायक का जताया आभार
महेंद्रगढ़ सब- डिपो को मिली इस हरी झंडी से सामाजिक कार्यकर्ताओं और आमजन में खुशी की लहर छाई हुई है. लोगों ने इसके लिए सीएम नायब सैनी और स्थानीय बीजेपी विधायक कंवर सिंह यादव का आभार व्यक्त किया है. इनका कहना है कि महेंद्रगढ़ के लिए यह केवल बसों का मिलना नहीं है, बल्कि एक स्वतंत्र पहचान की शुरुआत है. अब यात्रियों को घंटों बस स्टैंड पर दूसरे डिपो की बसों का इंतजार नहीं करना पड़ेगा और न ही बीच रास्ते में बसें रद्द होने का डर सताएगा.
लंबे रूट्स की मांग होगी पूरी
अभी तक महेंद्रगढ़ से चंडीगढ़, दिल्ली, आगरा, मथुरा, हरिद्वार, ऋषिकेश, कटरा और खाटू श्याम जैसे महत्वपूर्ण स्थलों के लिए सीधी बस सेवाओं का भारी अभाव था. चंडीगढ़ के लिए गिनी-चुनी बसें थीं जिनमें महेंद्रगढ़ के यात्रियों को पैर रखने तक की जगह नहीं मिलती थी.
अब सब- डिपो के पास अपनी 50 बसें होने से न केवल धार्मिक स्थलों और बड़े शहरों के लिए सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी, बल्कि उन रूटों पर भी बसों का विस्तार होगा जो अब तक उपेक्षित थे. क्षेत्र के यात्रियों की मांग के अनुसार, अब दक्षिण हरियाणा के लोगों के लिए राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों जैसे बुहाना, चिड़ावा, झुंझुनूं, बीकानेर, पिलानी और राजगढ़ तक बसों का विस्तार सुगम होगा.