चरखी दादरी | हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (HBSE) की तरफ से नए शैक्षणिक सत्र 2026- 27 से सेकेंडरी स्तर पर कक्षा नौवीं व दसवीं के विज्ञान विषय की अंक वितरण प्रणाली को बदल दिया गया है. इसे लेकर बोर्ड ने लेटर जारी किया है. जारी पत्र के मुताबिक अब विज्ञान विषय की लिखित परीक्षा के लिए 80 अंक होंगे. प्रैक्टिकल परीक्षा, आंतरिक मूल्यांकन को कम करके 10- 10 अंक का किया गया है.

एकरूपता के लिए लिया गया कदम
बोर्ड के इस निर्णय का प्रभाव राज्य के लाखों छात्र, छात्राओं पर होगा. पहले जहां साइंस सब्जेक्ट में कुल 40 अंक प्रेक्टिकल और आंतरिक मूल्यांकन के हिस्से में थे वे अब घटकर केवल 20 अंक रह गए है. शिक्षा क्षेत्र से संबंधित विद्वानों का मानना है कि बोर्ड का यह कदम परीक्षा प्रणाली में एकरूपता लाने के लक्ष्य से लिया गया है ताकि हिंदी, अंग्रेजी और गणित जैसे विषयों के साथ इसका पैटर्न मिल सके.
कुल जोड़ में 33% अंक लेना अनिवार्य
बोर्ड का उद्देश्य है कि विद्यार्थी सिर्फ फाइनल एग्जाम पर निर्भर ना रहें व शैक्षणिक सत्र में पढ़ाई करें. स्टूडेंट्स को अब पास होने के लिए लिखित, प्रयोगात्मक और आंतरिक मूल्यांकन के कुल जोड़ में 33 प्रतिशत अंक प्राप्त करना अनिवार्य रहेगा. बोर्ड ने संशोधित पाठ्यक्रम और एग्जाम पेपर का डिजाइन आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दिया है. सभी शिक्षकों को निर्देशित किया गया है कि वे विद्यार्थियों को इसी के अनुसार तैयारी करवाएं.