चंडीगढ़ | खेल मैदान में हरियाणा प्रदेश का गौरव बढ़ाने वाले हरियाणा सरकार के कर्मचारियों के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है. प्रदेश सरकार ने इन कर्मचारियों के लिए अब वेतन- वृद्धि के नियम और ज्यादा स्पष्ट करते हुए बताया है कि नेशनल और इंटरनेशनल स्तर की प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों को खेल उपलब्धियों के आधार पर मिलने वाला इंक्रीमेंट दावा मंजूर होने के अगले महीने से लागू होगा.

नई व्यवस्था के तहत, खिलाड़ी कर्मचारियों को प्रतियोगिता खत्म होने के 1 साल के भीतर अपना दावा पेश करना अनिवार्य होगा. निर्धारित समय- सीमा में दावा नहीं करने पर लाभ अटक सकता है.
35 साल पुराने नियमों में बड़ा बदलाव
प्रदेश सरकार ने साल 1990 से लागू पुराने निर्देशों की समीक्षा के बाद इस नई व्यवस्था को लागू किया है. इसका मकसद खेल उपल्बधियों पर मिलने वाले प्रोत्साहनों को ज्यादा पारदर्शी और व्यवस्थित बनाना है. चीफ सेक्रेटरी अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी पत्र में सभी विभागों, बोर्ड- निगमों, विश्वविद्यालयों और जिला प्रशासन को इन नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं.
राज्य सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि आउटसोर्सिंग स्पोर्ट्स पर्सन्स पॉलिसी के तहत सीधे नियुक्त खिलाड़ियों को इस अतिरिक्त वेतनवृद्धि योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा. नई गाइडलाइन को प्रदेश सरकार की उस नीति से जोड़कर देखा जा रहा है जिसके तहत खिलाड़ियों को नौकरी और प्रमोशन में प्रोत्साहन देकर खेल संस्कृति को मजबूत करने की कोशिश की जा रही है.
खिलाड़ियों को मिल रहा इन सुविधाओं का लाभ
हरियाणा सरकार पहले से ही खेल प्रतियोगिताओं, प्रशिक्षण शिविरों, पर्वतारोहण अभियानों और सिविल सर्विसेज खेल आयोजनों में हिस्सा लेने वाले कर्मचारियों को कई तरह की सुविधाओं का लाभ दे रही है, जिनमें प्रतियोगिता अवधि को ड्यूटी मानना, विशेष आकस्मिक अवकाश, यात्रा सुविधाएं और उत्कृष्ट प्रदर्शन पर अतिरिक्त वेतनवृद्धि मुख्य रूप से शामिल हैं.