कुरुक्षेत्र | हरियाणा के कुरुक्षेत्र में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ब्रह्मसरोवर स्थित सर्वेश्वर महादेव मंदिर में पूजा- अर्चना करेंगे. इसके बाद, वे सोमनाथ जाने वाली विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे. पहले मुख्यमंत्री को ऐतिहासिक स्थाणु महादेव मंदिर में पूजा करनी थी, लेकिन हाल ही में मिली धमकी के बाद कार्यक्रम में बदलाव किया गया. स्थाणु महादेव मंदिर को कुछ दिन पहले ई- मेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली थी. इसके अलावा, पिहोवा के कार्तिकेय मंदिर को भी धमकी देने वाले ने अपनी सूची में शामिल किया था. इस घटना के बाद प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई थीं.

पिछले सप्ताह 4 जून को गुरुग्राम प्रशासन को एक धमकी भरा ई- मेल मिला था जिसकी शुरुआत हरियाणा बनेगा खालिस्तान शब्दों से की गई थी. मेल भेजने वाले ने खुद को खालिस्तान नेशनल आर्मी का सदस्य बताया था और इसमें हरियाणा के कई हिंदू मंदिरों तथा सरकारी संस्थानों को निशाना बनाने की बात कही गई थी. इसी सूची में स्थाणु महादेव मंदिर का नाम भी शामिल था.
अलर्ट पर प्रशासन
धमकी भरे ई- मेल में यह भी दावा किया गया था कि 5 और 6 जून को चंडीगढ़, अंबाला और दिल्ली के बीच रेलवे ट्रैक पर आईईडी विस्फोट किए जाएंगे. इसके बाद पुलिस, रेलवे सुरक्षा बल और खुफिया एजेंसियों ने कई स्थानों पर सघन जांच अभियान चलाया था. हालांकि, प्रशासन पहले ही अलर्ट हो गया था जिससे किसी तरह की अप्रिय घटना नहीं हुई. इसी बीच प्रदेश सरकार द्वारा बुजुर्गों को गुजरात स्थित पवित्र सोमनाथ मंदिर के नि:शुल्क दर्शन कराने के लिए सोमनाथ स्वाभिमान पर्व का आयोजन किया जा रहा है. इस कार्यक्रम के तहत 8 जून को कुरुक्षेत्र रेलवे स्टेशन से विशेष ट्रेन रवाना की जाएगी. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी दोपहर 1 बजे ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर यात्रा की शुरुआत करेंगे.
कुरुक्षेत्र की पावन धरा पर आयोजित ‘कृषि कार्यशाला’ प्राकृतिक और जैविक खेती समारोह में सम्मिलित होकर उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया।
इस अवसर पर उपस्थित गुजरात के महामहिम राज्यपाल आचार्य देवव्रत जी का भी स्वागत किया, जिन्होंने प्राकृतिक खेती को जन-आंदोलन बनाने में अनुकरणीय भूमिका… pic.twitter.com/4E4MdWpcmf
— Nayab Saini (@NayabSainiBJP) June 7, 2026
होगी सारी व्यवस्था
इस ट्रेन में कुरुक्षेत्र के साथ- साथ पंचकूला, यमुनानगर, अंबाला, कैथल, फतेहाबाद और सिरसा जिलों के श्रद्धालु शामिल होंगे. यह यात्रा 5 दिनों की होगी जिसमें श्रद्धालुओं के आने- जाने, भोजन, ठहरने और मंदिर दर्शन तक की पूरी व्यवस्था सरकार की ओर से की गई है.