चंडीगढ़ | हरियाणा में सोमवार से शुरू होने जा रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभियान से पहले कांग्रेस ने अपनी तैयारियां अंतिम चरण में पहुंचा दी हैं. कुरुक्षेत्र में बीएलओ 2 और वरिष्ठ पदाधिकारियों की बैठक आयोजित हुई. इस दौरान थानेसर के विधायक एवं पूर्व मंत्री अशोक अरोड़ा ने कहा कि कांग्रेस मतदाता सूची के शुद्धिकरण के खिलाफ नहीं है. पार्टी इस प्रक्रिया का स्वागत करती है. आगे उन्होंने कहा कि यदि मतदाता सूची के शुद्धिकरण की जरूरत है तो इसे केवल किसी एक राज्य तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए. यह प्रक्रिया देश के सभी राज्यों में एक समान तरीके से लागू होनी चाहिए.

उन्होंने कहा कि लोगों को अपने दस्तावेज जमा करने और मतदाता सूची में अपना नाम सत्यापित करने के लिए पर्याप्त समय मिलना चाहिए, जिससे की कोई भी पात्र मतदाता इस प्रक्रिया से वंचित न रह जाए.
लोगों को जागरूक करने की अपील
उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से घर- घर जाकर लोगों को जागरूक करने की अपील भी की. अरोड़ा ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से बाहर न रहे और कोई भी फर्जी नाम सूची में शामिल न हो. उनके अनुसार, मजबूत लोकतंत्र के लिए शुद्ध और विश्वसनीय मतदाता सूची बेहद जरूरी है. अन्य राज्यों में मतदाता सूची से नाम कटने की खबरों पर चिंता जताते हुए अशोक अरोड़ा ने कहा कि यदि कहीं बड़े स्तर पर अनियमितताएं हुई हैं तो उनकी निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए. उन्होंने एक बार फिर बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग दोहराई.
सुझाव का समर्थन
अरोड़ा ने मतदाता सूची को आधार से जोड़ने के सुझाव का भी समर्थन किया. उनका कहना था कि इससे एक व्यक्ति के नाम पर कई स्थानों पर वोट होने जैसी समस्याओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है. बैठक के दौरान उन्होंने नीट पेपर लीक मामले को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है और इसके लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय होनी चाहिए. साथ ही, हरियाणा पब्लिक सर्विस कमीशन (HPSC) की भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर भी सवाल उठाते हुए उन्होंने पूरी करने की मांग की.