चंडीगढ़ | ट्राईसिटी क्षेत्र (चंडीगढ़, पंचकूला व मोहाली) में आने वाले महीनों में यात्रियों को यातायात जाम से बड़ी राहत मिलने वाली है. राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अधिकारियों के अनुसार मोहाली की आईटी सिटी से अंबाला तक का सफर अक्टूबर तक लगभग 30 मिनट तक कम हो जाएगा. अंबाला- चंडीगढ़ ग्रीनफील्ड कॉरिडोर के तहत बन रहा 30 किलोमीटर लंबा अंबाला- आईटी सिटी खंड करीब 89 प्रतिशत पूरा हो चुका है और इसके अक्टूबर तक शुरू होने की संभावना है

सितंबर तक मोहाली- सरहिंद कॉरिडोर को भी जनता के लिए खोलने की तैयारी है. 27.37 किलोमीटर लंबा यह मार्ग लगभग 91 प्रतिशत पूरा हो चुका है. इसके शुरू होने पर यात्रियों का करीब 30 मिनट समय बचेगा.
ट्राईसिटी में जाम से राहत
इस बीच आईटी सिटी- कुराली सेक्शन पहले ही यातायात के लिए खोला जा चुका है. इससे खरड़ और मोहाली एयरपोर्ट रोड पर लगने वाले जाम में कमी आई है. यात्रियों का लगभग 45 मिनट तक समय बच रहा है. NHAI अधिकारियों के अनुसार, 106.92 किलोमीटर लंबे सरहिंद-सेहना विस्तार परियोजना को अभी केंद्रीय आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) की मंजूरी का इंतजार है. मंजूरी मिलने के बाद मोहाली और चंडीगढ़ से बठिंडा तक का सफर करीब 90 मिनट तक कम हो सकता है.
मिलेगी राहत
हाल ही में जीरकपुर- पंचकूला बाईपास परियोजना को भी मंजूरी मिली है, जिसकी लागत लगभग 1,878 करोड़ रुपये है. इसके साथ ही 1,463 करोड़ रुपये की लागत वाले ग्रीनफील्ड स्पर प्रोजेक्ट के लिए लेटर ऑफ अवार्ड जारी किया गया है. इन दोनों परियोजनाओं से क्षेत्र में ट्रैफिक दबाव कम होगा. यात्रा समय में 30 से 40 मिनट तक की कमी आने की उम्मीद है. 10.3 किलोमीटर लंबा नया ग्रीनफील्ड स्पर अंबाला-चंडीगढ़ एक्सप्रेसवे को जीरकपुर बाईपास से जोड़ेगा जिससे अंबाला, दिल्ली, चंडीगढ़, पंचकूला, बद्दी और शिमला के बीच आवागमन और सुगम होगा.
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के अनुसार यह प्रोजेक्ट ट्राईसिटी रिंग रोड का अहम हिस्सा है जिससे शहरी चौराहों पर दबाव घटेगा और हिमाचल क्षेत्र तक तेज संपर्क मिलेगा. NHAI का अनुमान है कि पूरी 244 किलोमीटर लंबी रिंग रोड परियोजना के पूरा होने पर यात्रा समय 30 मिनट से लेकर डेढ़ घंटे तक घट सकता है.