फरीदाबाद | केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में फरीदाबाद विकास और कनेक्टिविटी का बड़ा केंद्र बन चुका है लेकिन विपक्ष को यह विकास स्वीकार नहीं हो पा रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेता जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं. कृष्णपाल गुर्जर ने कहा कि लगभग 12 साल पहले कांग्रेस शासन के दौरान राष्ट्रीय राजमार्गों की स्थिति खराब रहती थी और कई हाईवे रात के समय अंधेरे में डूबे रहते थे. उन्होंने दावा किया कि आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है.
हाईवे से लेकर गांवों को जोड़ने वाली सड़कों तक बेहतर रोशनी और आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं. उनके अनुसार फरीदाबाद अब देश के प्रमुख कनेक्टिविटी हब के रूप में उभर चुका है, जहां से सड़क मार्ग के जरिए देश के कई हिस्सों तक आसानी से पहुंच संभव है.
फरीदाबाद विकास पर बोले कृष्णपाल गुर्जर
उन्होंने आगे कहा कि फरीदाबाद से जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक सीधा संपर्क मार्ग उपलब्ध है. इसके अलावा दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जुड़ाव ने शहर की कनेक्टिविटी को और मजबूत किया है. उन्होंने यह भी कहा कि वर्ष 2014 से पहले फरीदाबाद की सड़कें खराब हालत में थीं और उस समय दिल्ली-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग के विकास कार्य भी सही तरीके से आगे नहीं बढ़ पाए थे. भाजपा नेता ने कांग्रेस पर हमला जारी रखते हुए कहा कि जो लोग आज विकास कार्यों पर सवाल उठा रहे हैं, उन्हें पहले अपने कार्यकाल का आकलन करना चाहिए.
अपनी डूबती हुई राजनीतिक नैया को बचाने की ओछी राजनीति में राहुल गांधी ने NEET की परीक्षा देने वाले देश के युवाओं के भविष्य को दांव पर लगा दिया।pic.twitter.com/V7fRxATyLH
— Krishan Pal Gurjar (@KPGBJP) June 22, 2026
उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार ने फरीदाबाद में सड़क नेटवर्क, आधारभूत ढांचे और जनसुविधाओं के क्षेत्र में बड़े स्तर पर सुधार किए हैं, जिससे शहर की तस्वीर बदली है.
कांग्रेस पर लगाया आरोप!
इस दौरान भाजपा प्रदेशाध्यक्ष अर्चना गुप्ता के सम्मान समारोह में पृथला के पूर्व विधायक और भाजपा नेता टेकचंद शर्मा के बयान को लेकर भी प्रतिक्रिया दी गई. कृष्णपाल गुर्जर ने कहा कि नेताओं को मंच की गरिमा का ध्यान रखना चाहिए और यह समझना चाहिए कि किस मंच पर किस तरह की बात उचित है. उन्होंने कहा कि भाजपा एक अनुशासित और मजबूत संगठन है, जहां किसी प्रकार की फूट नहीं है. उन्होंने यह भी जोड़ा कि चुनाव में हार और जीत लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है और इसे सामान्य रूप से स्वीकार किया जाना चाहिए.
