चंडीगढ़ | हरियाणा में जमीन की रजिस्ट्री कराने वाले लोगों को अब म्यूटेशन (इंतकाल) दर्ज कराने के लिए पटवारी और तहसील कार्यालयों के बार-बार चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे. राज्य सरकार ने राजस्व विभाग के सॉफ्टवेयर को अपडेट कर नई व्यवस्था लागू कर दी है. इसके तहत रजिस्ट्री होते ही म्यूटेशन की प्रक्रिया स्वत: शुरू हो जाएगी. सरकार ने पोर्टल पर ऑटो म्यूटेशन का विशेष ऑप्शन जोड़ा है. अब पेपरलेस रजिस्ट्री पूरी होने के साथ ही संबंधित फाइल म्यूटेशन प्रक्रिया में स्वत: शामिल हो जाएगी.

इसके लिए प्रदेशभर के पटवारियों की डिजिटल आईडी तैयार की जा रही है. अब तक करीब 40 प्रतिशत पटवारियों की आईडी सक्रिय भी की जा चुकी है. नई व्यवस्था के तहत पटवारी सीधे पोर्टल पर लॉगिन कर ऑटो म्यूटेशन ऑप्शन के माध्यम से कार्रवाई कर सकेंगे.
हरियाणा में जमीन रजिस्ट्री
राइससे लोगों का समय बचेगा और सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने की परेशानी कम होगी. साथ ही, म्यूटेशन के लंबित मामलों को भी तेजी से निपटाया जा सकेगा. फिलहाल इस तकनीक की जिलास्तर पर समीक्षा की जा रही है. इसके बाद, अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही भी तय की जाएगी. नई प्रणाली को सुचारू रूप से लागू करने के लिए पुराने और नए पटवारियों को डिजिटल माध्यमों की विशेष ट्रेनिंग दी जा रही है. नई व्यवस्था में समय सीमा भी निर्धारित की गई है. रजिस्ट्री होते ही संबंधित फाइल सीधे पटवारी के लॉगिन पर पहुंच जाएगी.
फाइल हो जाएगी ट्रांसफर
पटवारी को 3 दिनों के भीतर फाइल पर कार्रवाई कर उसे आगे बढ़ाना होगा. यदि निर्धारित समय में कार्रवाई नहीं होती है तो फाइल कानूनगो के पास ट्रांसफर हो जाएगी. कानूनगो को भी इस पर निर्णय लेने के लिए केवल तीन दिन का समय मिलेगा. यदि कानूनगो स्तर पर भी कार्रवाई लंबित रहती है तो फाइल सीआरओ के पास पहुंच जाएगी. सीआरओ को फाइल का निपटारा करने के लिए 10 दिन का समय दिया जाएगा. यदि निर्धारित अवधि तक कोई कार्रवाई नहीं होती है तो 16वें दिन सिस्टम स्वयं म्यूटेशन दर्ज कर देगा.
हाई- टेक टैबलेट उपलब्ध
राजस्व विभाग ने हाल ही में नियुक्त 2700 पटवारियों में से लगभग 1500 को सीधे राजस्व विभाग में तैनात किया है ताकि म्यूटेशन और भूमि रिकॉर्ड से जुड़े मामलों का तेजी से निपटारा किया जा सके. शेष पटवारियों को एचएसवीपी, नगर निगम, वन विभाग और अन्य विभागों में भेजा गया है. सरकार नए नियुक्त पटवारियों को 5जी तकनीक से लैस हाई- टेक टैबलेट भी उपलब्ध करा रही है. इन टैबलेट की मदद से पटवारी खेतों में जाकर जीपीएस टैग्ड फोटो ले सकेंगे और म्यूटेशन तथा गिरदावरी से जुड़ा डेटा सीधे केंद्रीय सर्वर पर अपलोड कर पाएंगे.’
भू- अभिलेख को ज्ञापन
नई व्यवस्था के बीच नए इंतकाल और जमाबंदी पोर्टल को लेकर कुछ आपत्तियां भी सामने आई हैं. दी रेवेन्यू पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन ने निदेशक भू- अभिलेख को ज्ञापन सौंपकर पोर्टल में तकनीकी और प्रक्रियागत खामियों की ओर ध्यान दिलाया है. पोर्टल भूमि अभिलेख नियमावली के अनुरूप नहीं है जिससे तहसीलों में कार्य प्रभावित हो रहे हैं. कर्मचारियों को यूजर आईडी और पासवर्ड तो उपलब्ध करा दिए गए हैं लेकिन लैपटॉप उपलब्ध नहीं कराए गए हैं. संगठन ने पोर्टल में आवश्यक सुधार और संसाधन उपलब्ध कराने की मांग की है.