चंडीगढ़ | हरियाणा कांग्रेस में लंबे समय से लंबित संगठनात्मक फेरबदल अब रफ्तार पकड़ने लगा है. पार्टी के नवनियुक्त प्रदेश प्रभारी संजय सतीशचंद्र दत्त ने औपचारिक रूप से हरियाणा का प्रभार संभाल लिया है. इसके साथ ही संगठन को नए सिरे से सक्रिय करने और विभिन्न गुटों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने की कवायद भी शुरू हो गई है. प्रभार संभालने के बाद संजय दत्त ने नई दिल्ली में लगातार दो दिन कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व से मुलाकात कर हरियाणा की राजनीतिक और संगठनात्मक स्थिति पर विस्तार से चर्चा की.
अब मंगलवार और बुधवार को वे दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में हरियाणा के वरिष्ठ नेताओं से अलग-अलग बैठक करेंगे. इन बैठकों को प्रदेश संगठन के पुनर्गठन की दिशा में पहला बड़ा कदम माना जा रहा है.
हरियाणा कांग्रेस में तैयारी
हरियाणा कांग्रेस लंबे समय से अलग- अलग गुटों में बंटी रही है. ऐसे में नए प्रभारी की सबसे बड़ी चुनौती सभी वरिष्ठ नेताओं के बीच समन्वय स्थापित कर संगठन को मजबूत बनाना और आगामी चुनावों के लिए पार्टी को तैयार करना होगी. पार्टी नेतृत्व भी चाहता है कि लंबे समय से लंबित संगठनात्मक नियुक्तियों और पुनर्गठन की प्रक्रिया जल्द पूरी की जाए. दिल्ली में होने वाली बैठकों में कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी. इनमें प्रदेश कांग्रेस में लंबित नियुक्तियां, जिला और ब्लॉक स्तर पर संगठन का पुनर्गठन, संगठन विस्तार, सदस्यता अभियान को गति देना, आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों की रणनीति और कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने की योजना प्रमुख रूप से शामिल हैं.
वन- टू- वन बैठक
जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं की भागीदारी बढ़ाने पर भी विशेष जोर रहेगा. संजय दत्त ने प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह से मुलाकात कर संगठन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की. इसके अलावा वे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला, पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी सैलजा, चौधरी बीरेंद्र सिंह, पूर्व मंत्री कैप्टन अजय सिंह यादव समेत अन्य वरिष्ठ नेताओं से भी अलग- अलग मुलाकात करेंगे. इन बैठकों में संगठन को मजबूत करने, आपसी समन्वय बढ़ाने और केंद्रीय नेतृत्व के साथ बेहतर तालमेल पर भी मंथन होगा.
2 दिन चलेगा मंथन
सूत्रों के अनुसार, दिल्ली में दो दिन तक चलने वाले इस मंथन के बाद चंडीगढ़ में प्रदेश कांग्रेस की एक विस्तृत बैठक आयोजित की जाएगी. इस बैठक में संगठनात्मक फेरबदल, नई नियुक्तियों और भविष्य की राजनीतिक कार्ययोजना को अंतिम रूप दिए जाने की संभावना है. माना जा रहा है कि इसके बाद प्रदेश कांग्रेस में लंबे समय से लंबित बदलावों की प्रक्रिया तेज हो सकती है. बता दें कि संजय सतीशचंद्र दत्त महाराष्ट्र कांग्रेस से जुड़े रहे हैं और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) में सचिव की जिम्मेदारी भी निभा चुके हैं. उन्हें तमिलनाडु और मध्य प्रदेश का सह-प्रभारी रहने का भी अनुभव है.
