सिरसा | हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गुरुवार को सिरसा दौरे के दौरान चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय (CDLU) के ऑडिटोरियम हॉल में आयोजित जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति (ग्रीवेंस) की बैठक में अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए बड़ा एक्शन लिया. मुख्यमंत्री ने बिजली निगम के एक जूनियर इंजीनियर (JE) और रानियां थाना के एक एएसआई को चार्जशीट करने के आदेश दिए. इसके अलावा एक अन्य मामले में विजिलेंस जांच कराने के निर्देश भी जारी किए. बैठक के दौरान कुल 18 शिकायतों पर सुनवाई की गई और कई मामलों में संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया गया.

बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत में NEET को लेकर छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज के सवाल पर विपक्ष को निशाने पर लिया. उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार ने CET और NEET जैसी परीक्षाओं के दौरान युवाओं की सुविधा का पूरा ध्यान रखा.
ट्रांसपोर्ट की व्यवस्था
परीक्षार्थियों के लिए ट्रांसपोर्ट की व्यवस्था भी की गई थी. मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के नेताओं ने युवाओं को झूठ बोलकर भड़काने का प्रयास किया. उन्होंने कहा कि अगर कहीं किसी छात्र के साथ अनुचित व्यवहार हुआ है तो सरकार इसकी जांच कर सख्त कार्रवाई करेगी. CM ने कहा कि पिछली सरकारों के समय पेपर लीक जैसी घटनाओं से युवाओं का भरोसा टूटा था. जिला प्रशासन ने पहले ही सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली थीं.
सुरक्षा व्यवस्था सख्त
इस बार ग्रीवेंस बैठक में सुरक्षा व्यवस्था काफी सख्त रही. मीडिया को बैठक के अंदर कवरेज की अनुमति नहीं दी गई. केवल शिकायतकर्ताओं, प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस कर्मियों को ही प्रवेश मिला. बाहर बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे, लेकिन उन्हें मुख्य हॉल के बाहर ही रोक दिया गया. तेज गर्मी के बीच महिलाएं, बुजुर्ग और युवा लंबी कतारों में अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए. कई लोग शिकायतें लेकर पहुंचे, लेकिन मुख्यमंत्री से मुलाकात नहीं कर सके.
बैठक में शामिल लोग
बैठक में मुख्यमंत्री के साथ पूर्व राज्यपाल प्रो. गणेशीलाल, लेबर बोर्ड चेयरमैन रोहताश जांगड़ा, भाजपा जिलाध्यक्ष यतिंद्र सिंह, डबवाली जिलाध्यक्ष रेणू शर्मा, डीसी शांतनु शर्मा, सिरसा एसपी दीपक सहारण, नगर परिषद चेयरमैन वीर शांति स्वरूप और भाजपा नेता गोबिंद कांडा मौजूद रहे. उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री के दौरे से एक दिन पहले ग्रीवेंस बैठक का स्थान बरनाला रोड स्थित पंचायत भवन से बदलकर चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय कर दिया गया था.