नई दिल्ली | राजधानी में दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) में स्नातक प्रवेश प्रक्रिया का दूसरा राउंड 25 जुलाई से शुरू होने जा रहा है. इस चरण में सबसे बड़ा बदलाव नए प्रवेश से ज्यादा पहले राउंड में सीट स्वीकार कर चुके विद्यार्थियों के अपग्रेड को लेकर देखने को मिलेगा. जिन छात्रों को पहली पसंद का कॉलेज या कोर्स नहीं मिला था, उनके लिए अब बेहतर विकल्प हासिल करने का अहम मौका होगा.

पहले राउंड में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने सीट सुरक्षित करने के लिए उपलब्ध कॉलेज और पाठ्यक्रम स्वीकार कर लिया था. अब अपग्रेड प्रक्रिया के जरिए उन्हें अपनी उच्च वरीयता वाले कॉलेज या पसंदीदा कोर्स में प्रवेश मिलने की संभावना है.
हलचल रहने की उम्मीद
विश्वविद्यालय ने पहले चरण में करीब 71,624 सीटों के मुकाबले 93 हजार से अधिक आवंटन किए थे, ताकि अधिकतम सीटें भरी जा सकें. इसके बाद, कुल 63,756 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया. इनमें से 15,265 छात्रों ने अपना दाखिला अंतिम रूप से पक्का कर लिया, जबकि 48,153 विद्यार्थियों ने अपग्रेड का विकल्प चुना है. अब यही छात्र दूसरे राउंड में बेहतर कॉलेज पाने की दौड़ में शामिल होंगे. इस बार बीकॉम (ऑनर्स), बीए (ऑनर्स) इकोनॉमिक्स, बीए प्रोग्राम और बीएससी के लोकप्रिय पाठ्यक्रमों में सबसे ज्यादा हलचल रहने की उम्मीद है.
प्रवेश डीन हनीत गांधी के अनुसार, पहले राउंड में कटऑफ से थोड़े अंक पीछे रह गए अभ्यर्थियों को दूसरे चरण में फायदा मिल सकता है. वहीं, अपग्रेड चुनने वाले छात्रों की अपने ड्रीम कॉलेज तक पहुंचने की संभावना भी बढ़ जाएगी.
ड्रीम कॉलेज तक पहुंचने का अवसर
दूसरे राउंड में सीटों का संतुलन भी बदलने की उम्मीद है. जैसे ही किसी छात्र को बेहतर कॉलेज मिलेगा, उसकी पुरानी सीट खाली होगी और वह किसी अन्य अभ्यर्थी को आवंटित की जाएगी. इसी तरह यह प्रक्रिया कई स्तर तक आगे बढ़ेगी और हजारों छात्रों का कॉलेज बदल सकता है. ऐसे में 25 जुलाई से शुरू होने वाला दूसरा राउंड उन विद्यार्थियों के लिए बेहद अहम साबित होगा, जो पहले चरण में मनचाहा कॉलेज या पसंदीदा कोर्स नहीं हासिल कर सके थे. अपग्रेड प्रक्रिया के जरिए उन्हें अब अपने ड्रीम कॉलेज तक पहुंचने का बड़ा अवसर मिलेगा.