गुरुग्राम | हरियाणा के गुरुग्राम- जयपुर हाइवे से रोजाना सफर करने वालों के लिए राहत की खबर है. नेशनल हाइवे- 48 का यह पूरा कॉरिडोर 1 अगस्त से टोल गेट और बैरियर फ्री होने जा रहा है. शनिवार यानी 1 अगस्त से इस रूट पर सफर करने वाले यात्रियों को अब किसी भी टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत नहीं पड़ेगी. करीब 270 किलोमीटर तक फैला यह पूरा खंड अब बिना रुकावट वाला बन जाएगा, यानी गाड़ियां यहां बिना रुके फर्राटा भर सकेंगी. रिपोर्ट के मुताबिक गुरुग्राम-जयपुर हाइवे के 270 किलोमीटर लंबे इस पूरे रास्ते पर 1 अगस्त से मल्टी लेन फ्री फ्लो सिस्टम लागू होने वाला है.

इस हाइवे पर राजस्थान के शाहजहांपुर टोल प्लाजा पर अब यह सिस्टम शुरू होगा, जबकि इससे पहले दौलतपुरा और मनोहरपुरा टोल प्लाजा पर यह व्यवस्था पहले से सक्रिय है. दरअसल, शाहजहांपुर इस कॉरिडोर का आखिरी ऐसा टोल गेट था जहां अब तक MLFF सिस्टम नहीं लगाया गया था.
हुई बल्ले- बल्ले
अब शनिवार से यहां भी यह सुविधा मिलने लगेगी, जिससे लाखों यात्रियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है. नेशनल हाइवे 48 दिल्ली से चेन्नई तक करीब 2,807 किलोमीटर लंबा है और सात राज्यों से होकर गुजरता है. अधिकारियों के मुताबिक, कुकरोला यानी खेड़की दौला टोल गेट पर भी MLFF सिस्टम लगने के बाद कुछ ही दिनों में दिल्ली से जयपुर तक का पूरा कॉरिडोर बिना बैरियर वाला हो जाएगा. इसके बाद, यात्रियों को न तो टोल गेट के झंझट से जूझना पड़ेगा और न ही रुकने की चिंता रहेगी.
देशभर में 5 टोल प्लाजा
मल्टी लेन फ्री फ्लो (MLFF) सिस्टम में हाई- परफॉर्मेंस RFID रीडर और ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन कैमरों की मदद से फास्टैग और वाहन की नंबर प्लेट को स्कैन करके सीधे टोल राशि काट ली जाती है, जिसके लिए वाहन को रुकने की कोई जरूरत नहीं पड़ती. ईंधन और समय दोनों की बचत होती है. प्रदूषण के स्तर में भी कमी आती है. बता दें कि देशभर में पांच टोल प्लाजा पर यह MLFF सिस्टम सक्रिय है, जिनमें गुजरात का चोर्यासी, दिल्ली का मुंडका, हरियाणा का घरौंदा और राजस्थान के मनोहरपुरा व दौलतपुरा टोल प्लाजा शामिल हैं.
भारतीय हाईवे मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड (IHMCL) ने 12 और टोल प्लाजा के लिए ठेका भी दे दिया है, जिनमें गुजरात, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, असम और हरियाणा के प्लाजा शामिल हैं. वहीं, 104 और प्लाजा के लिए बोलियां मंगाई जा चुकी हैं.
पर्याप्त बैलेंस रखना जरूरी
यह नई सुविधा भले ही काफी सहूलियत देने वाली है, लेकिन इसका फायदा उठाने के लिए यात्रियों को अपने फास्टैग अकाउंट में पर्याप्त बैलेंस बनाए रखना जरूरी होगा. अगर बैलेंस कम हो या फास्टैग अमान्य या खराब निकले, तो ऐसी स्थिति में इलेक्ट्रॉनिक नोटिस जारी किया जाएगा. अगर 72 घंटे के भीतर भुगतान नहीं किया गया, तो यात्रियों को दोगुना टोल चुकाना पड़ सकता है, इसलिए इस बारे में सभी यात्रियों को सतर्क रहने की जरूरत है.