नई दिल्ली | कांवड़ यात्रा के दौरान बढ़ती भीड़ और यातायात व्यवस्था को देखते हुए दिल्ली जाने वाली बसों का रूट बदल दिया गया है. अब देहरादून से दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, जयपुर और आगरा की ओर जाने वाली सभी बसें दिल्ली- देहरादून एक्सप्रेसवे से संचालित की जा रही हैं. नए रूट से यात्रियों को किराये और समय दोनों में राहत मिली है. पहले बसें रुड़की- मुजफ्फरनगर मार्ग से होकर दिल्ली पहुंचती थीं, जहां सामान्य बस का किराया 420 रुपये था.

एक्सप्रेसवे से संचालन शुरू होने के बाद यह किराया घटकर 355 रुपये रह गया है. यात्रियों को प्रति टिकट 65 रुपये की बचत हो रही है. वहीं, सफर का समय भी करीब 6 घंटे से घटकर 3 घंटे रह गया है.
दिल्ली का किराया
मंडलीय प्रबंधक (संचालन) सुरेश चौहान ने बताया कि ऋषिकेश से दिल्ली जाने वाली बसों को भी देहरादून के रास्ते एक्सप्रेसवे से भेजा जा रहा है. कांवड़ यात्रा को देखते हुए दिल्ली- देहरादून हाईवे (एनएच- 58) के परतापुर से उत्तराखंड तक एक लेन कांवड़ियों के लिए आरक्षित कर दी गई है. दूसरी लेन पर दोनों दिशाओं का सामान्य यातायात संचालित किया जा रहा है. यदि कांवड़ियों की संख्या बढ़ती है तो 5 अगस्त से दिल्ली- मेरठ एक्सप्रेसवे (डीएमई) की एक लेन भी कांवड़ियों के लिए आरक्षित की जाएगी.
बाइक टू- वे व्यवस्था
प्रशासन ने तय समय से पहले ही एनएच- 58 पर ट्रैफिक व्यवस्था लागू कर दी है. फिलहाल, हाईवे की एक पटरी पर हल्के वाहन और बाइक टू- वे व्यवस्था में चल रहे हैं. वहीं, 7 अगस्त के बाद यातायात को पूरी तरह डायवर्ट करने की तैयारी भी की जा रही है. बागपत, दिल्ली, गाजियाबाद और नोएडा के बीच चलने वाले वाहनों के लिए भी वैकल्पिक रूट तय किए गए हैं. शामली से करनाल, पानीपत और सोनीपत होते हुए एनएच- 1 तथा दिल्ली– देहरादून एक्सप्रेसवे का इस्तेमाल किया जा सकेगा. दिल्ली से मेरठ और हरिद्वार की ओर जाने वाले वाहनों को एनएच- 9, डासना, हापुड़, किठौर और मवाना के रास्ते भेजा जाएगा.