नई दिल्ली | ट्रेन से सफर करते समय कंफर्म सीट मिलने के बाद अगर कोई दूसरा यात्री उस पर बैठा मिले तो परेशानी होना स्वाभाविक है. खासकर लंबी दूरी की यात्रा में ऐसी स्थिति विवाद का कारण बन सकती है. हालांकि, सीट को लेकर बहस या झगड़ा करने के बजाय रेलवे के नियमों के मुताबिक कदम उठाना बेहतर रहता है. इससे बिना किसी विवाद के अपनी सीट खाली कराई जा सकती है.

अगर कोई आपकी आरक्षित सीट पर बैठा है तो सबसे पहले उससे सामान्य तरीके से बात करें. अपना कंफर्म टिकट दिखाकर उसे सीट के बारे में जानकारी दें. कई बार यात्री गलत कोच या सीट समझकर वहां बैठ जाते हैं. ऐसे में बातचीत से ही समस्या दूर हो सकती है.
ट्रेन ट्रैवल टिप्स
जानबूझकर सीट छोड़ने से इनकार करने पर खुद विवाद करने के बजाय रेलवे कर्मचारियों की मदद लेना सही रहेगा. गुस्से में आकर बहस करने से स्थिति बिगड़ सकती है.
यात्री के समझाने के बाद भी सीट खाली न करने पर ट्रेन में मौजूद TTE से शिकायत करें. अपना टिकट और सीट का विवरण दिखाएं. TTE टिकट की जांच कर यह तय कर सकता है कि सीट किस यात्री के नाम आरक्षित है और जरूरत पड़ने पर सीट खाली कराने की कार्रवाई कर सकता है.
139 पर करें शिकायत
ट्रेन में तत्काल मदद की जरूरत हो तो रेलवे हेल्पलाइन 139 पर संपर्क किया जा सकता है. शिकायत करते समय अपना PNR, कोच और सीट नंबर जैसी जानकारी देना उपयोगी रहेगा. यात्री Rail Madad के माध्यम से भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं. अगर कोई यात्री जबरदस्ती कर रहा है या स्थिति विवादित हो रही है तो RPF की सहायता ली जा सकती है. खुद हाथापाई करने के बजाय सुरक्षा कर्मियों को सूचना देना ज्यादा सुरक्षित तरीका है.
ट्रेन में सीट को लेकर विवाद होने पर सबसे पहले शांत रहें, फिर TTE या रेलवे की आधिकारिक शिकायत व्यवस्था का सहारा लें. इससे आपकी यात्रा भी सुरक्षित रहेगी और समस्या का समाधान भी नियमों के अनुसार हो सकेगा.