12 जनवरी को सरकार की मुश्किलें बढ़ाएंगी आंगनबाड़ी वर्कर्स, इन मांगों को लेकर मचा हैं बवाल

करनाल । चंडीगढ़ में हरियाणा सरकार के साथ प्रदेश की आंगनबाड़ी वर्कर- हेल्पर की मांगों को लेकर हुई वार्ता सिरे नहीं चढ़ पाई जिसके बाद सीएम सिटी करनाल में हुई प्रदेश स्तरीय बैठक में निर्णय लिया गया कि आने वाली 12 जनवरी को जिला स्तर पर जेल भरो आंदोलन किया जाएगा. तब तक अपनी मांगों को जहां पर जो धरना-प्रदर्शन चल रहा है वो वैसे की वैसे चलते रहेंगे. इसमें पूरे हरियाणा भर से 52 हजार वर्कर- हेल्पर शामिल होंगी.

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बता दें कि कुशल- अकुशल, पीएम की घोषणा को लागू करवाने, महंगाई भत्ता देने जैसी मुख्य मांगों को लेकर प्रदेश की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता लगातार प्रदर्शन कर रही है. ऑल इंडिया फेडरेशन की महासचिव एआर सिंधु ने कहा कि सरकार हमें अपनी ताकत दिखाने के लिए विवश कर रही है. हमारी सभी मांगे जायज है जो सरकार पूरा नहीं कर रही है. क्या सरकार के पास इन मांगों को पूरा करने के लिए साधन नहीं है. ये मांगे देश के बच्चों के लिए है, इनमें उनका कोई निजी स्वार्थ नहीं है. उनकी शिक्षा,उनका पोषण समेत सभी काम सरकार निजी हाथों में सौंप रही है जो कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

चंडीगढ़ की वार्ता विफल

आंगनबाड़ी वर्कर राष्ट्रीय अध्यक्ष उषा रानी ने बताया कि केंद्र सरकार ने 1500 रुपए वर्कर,750 रुपए हेल्पर और 1250 रुपए मिनी का बढ़ाने का ऐलान किया था,जिसका ऐलान खुद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2018 में किया था. केन्द्र सरकार के इस ऐलान को हरियाणा सरकार नहीं मान रही है. आज चंडीगढ़ में हुई बातचीत बेनतीजा रही. अब 12 जनवरी को जिला स्तर पर जेल भरो आंदोलन किया जाएगा.

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इन मांगों को लेकर कर रहे हैं प्रदर्शन

• सरकार ठेका कर्मचारियों के आश्रितों को साधारण मृत्यु पर 3 लाख रुपए दे सकती है लेकिन विभाग में कार्यरत वर्कर हेल्पर को 35-40 साल सेवा में रहने के बाद भी यह लाभ उनके आश्रितों को नहीं देना चाहती.

• मुख्यमंत्री ने स्वयं 2018 में कुशल-अकुशल मजदूर का दर्जा देकर महंगाई भत्ता लागू किया था जिस निर्णय से सरकार पीछे हट रही है.

• वर्कर्स से सुपरवाइजर की पदोन्नति में शर्ते अड़ा रही हैं, इसे बिलकुल स्वीकार नहीं किया जा सकता.

• पिछले 4 साल से केंद्र सरकार की बढ़ौतरी जिसमें वर्करों को 1500 रूपये दिए जाने थे और हेल्परों को 750 रूपये, राज्य सरकार लागू नहीं कर रही.

• राज्य सरकार ने 2018 में आऊटसोर्स पॅालिसी के तहत वर्करों का मानेदय तय किया था, उसे लागू किया जाए.

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Ajay Sehrawat
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मेरा नाम अजय सहरावत है. मीडिया जगत में पिछले 6 साल से काम कर रहा हूँ. बीते साढ़े 5 साल से Haryana E Khabar डिजिटल न्यूज़ वेबसाइट के लिए बतौर कंटेंट राइटर के पद पर काम कर रहा हूँ.