हरियाणा सरकार के इस फैसले को चुनौती देगी खाप पंचायतें, 30 जनवरी को जींद में होगी बैठक

जींद । कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के सामने आने पर देशभर में कोरोना की तीसरी लहर फिर से लोगों में खौफ पैदा कर रही है. संक्रमण के लगातार बढ़ रहे केसों को देखते हुए तमाम राज्यों में पाबंदियों का दायरा बढ़ा दिया है. इन्हीं पाबंदियों के तहत हरियाणा सरकार ने स्कूल-कॉलेजों को भी बंद किया हुआ है. लेकिन अब प्रदेश में कोरोना के नाम पर स्कूलों को बंद रखने के निर्णय का विरोध होना शुरू हो गया है. अधिकतर गांवों में गणमान्य व्यक्तियों से लेकर खाप पंचायतें सरकार के इस फैसले के खिलाफ खड़ी होती नजर आ रही है.

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इसी कड़ी में जींद जिलें की माजरा खाप ने स्कूल-कॉलेजों, कोचिंग सेंटर और शिक्षण संस्थानों को बंद रखने के सरकार के फैसले की मंशा पर प्रश्नचिन्ह लगाया है. खाप प्रतिनिधियों का कहना है कि कोरोना के नाम पर सरकार बच्चों को पढ़ाई से दूर कर रही है ताकि कल को कोई बच्चा पढ़कर सरकार से रोजगार की मांग न करें और कॉरपोरेट घरानों के लिए सस्ते मजदूर पैदा किए जा सकें.

सिर्फ स्कूल-कॉलेज ही बंद

माजरा खाप के प्रधान महेंद्र सिंह रिढाल ने कहा कि बाजार- मॉल खुलें हैं, सरकारी व गैर-सरकारी कार्यालय खुलें हैं, रेलवे व परिवहन सेवा जारी है तो स्कूल-कॉलेज क्यूं बंद हैं. उन्होंने वैज्ञानिकों की बात का तर्क देते हुए कहा कि बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता ज्यादा होती है. ऐसे में बड़े दुःख की बात है कि कोरोना के बहाने सरकार बच्चों को अनपढ़ रखने की साज़िश रच रही है.

स्कूलों में कोरोना, रैलियों में नहीं

माजरा खाप के प्रवक्ता समुद्र सिंह ने कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान रैलियों में लाखों की तादाद में लोग इकट्ठा हो रहें हैं. नेताओं के पीछे सैकड़ों गाड़ियों का काफिला चल रहा है और चुनावों में खूब जनसभाएं आयोजित की जा रही है. हजारों लोगों की भीड़ में कोरोना नहीं फैलता और एक कमरे में 25-30 छात्र बैठते हैं, वहां कोरोना फैल रहा है. उन्होंने कहा कि कोरोना के नाम पर बच्चों को शिक्षा से दूर रखकर उनके भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है.

खापों की बैठक पर चर्चा

प्रवक्ता समुद्र सिंह ने कहा कि यदि सरकार ने जल्दी ही स्कूल-कॉलेजों को खोलने का फैसला नहीं लिया तो माजरा खाप 30 जनवरी को खटकड़ टोल प्लाजा पर खापों की मीटिंग बुलाएगी. फिर भी सरकार ने हमारी बात पर विचार नहीं किया तो खाप पंचायतें स्कूल खोलने का फैसला लें सकती है.

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Ajay Sehrawat
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मेरा नाम अजय सहरावत है. मीडिया जगत में पिछले 6 साल से काम कर रहा हूँ. बीते साढ़े 5 साल से Haryana E Khabar डिजिटल न्यूज़ वेबसाइट के लिए बतौर कंटेंट राइटर के पद पर काम कर रहा हूँ.