चंडीगढ़ । राजनीतिक रूप से अलग रास्ते चुन चुके चौटाला परिवार में फिर शब्दों के बाण चले हैं. ऐलनाबाद से आईएनएलडी विधायक अभय चौटाला ने अपने भाई अजय चौटाला और उसके परिवार पर जोरदार निशाना साधा है. बता दें कि दोनों परिवारों में शब्दों की यह खींचतान बीजेपी नेता चौधरी वीरेंद्र सिंह द्वारा जींद रैली में दिए गए भाषण के बाद शुरू हुई है. वीरेन्द्र सिंह ने उस रैली में कहा था कि मेरी बेटी की शादी साल 2002 में थी और उस समय विधायकों को तत्कालीन मुख्यमंत्री ने आने से रोक दिया था.
उनके इस बयान पर दिग्विजय चौटाला ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि मंच पर सरेआम बड़े चौटाला साहब की तौहीन की जा रही थी और अभय चौटाला उस मंच पर बैठे ये सब बातें सुन रहें थे. दिग्विजय चौटाला ने चौधरी ओमप्रकाश चौटाला के लिए इस तरह की शब्दावली इस्तेमाल करने को लेकर वीरेन्द्र सिंह से माफी मांगने को कहा था. अब दिग्विजय चौटाला के बयान का अभय चौटाला ने सख्त लहजे में जोरदार जवाब दिया है.
अभय चौटाला ने कहा कि वीरेंद्र सिंह ने अपने बयान को खुद करेक्ट कर लिया है. इस बयान के अब दो मायने नहीं निकाले जा सकते हैं. उनकी बेटी की शादी 3 मार्च 1999 को थी, तब हरियाणा प्रदेश में हमारी सरकार नहीं थी. अभय चौटाला ने कहा कि वीरेंद्र सिंह के इस बयान पर कुछ लोग अपने-आप को चौटाला साहब का हिमायती साबित करने की कोशिश कर रहे थे और खासकर मेरे भाई व भतीजों को बहुत तकलीफ़ हुई है. अभय चौटाला ने कहा कि अब अजय चौटाला व उसके परिवार को बड़े चौटाला साहब के लिए तकलीफ उठाने की जरूरत नहीं है क्योंकि अब हमारा उनसे कोई रिश्ता नहीं रहा है.
भाई और भतीजों को बताया गद्दार
अभय चौटाला ने कहा कि खुद ओमप्रकाश चौटाला कई बार स्पष्ट कर चुके हैं कि गद्दारों से अब उनका कोई संबंध नहीं है. अजय चौटाला के परिवार से हमारा रिश्ता उसी दिन खत्म हो गया था जब इन्होंने केजरीवाल से मिलकर ओपी चौटाला को बीमार होने के बावजूद एलएनजेपी अस्पताल से रात को जबरदस्ती उठाकर जेल भेजा था. अभय चौटाला ने कहा कि जब ओमप्रकाश चौटाला जी का एक्सीडेंट हुआ था तब इनके परिवार का कोई भी सदस्य चौटाला साहब की तबीयत का हाल-चाल पूछने तक नहीं आया. अभय ने बेहद गुस्से भरे लहजे में कहा कि मैं इनको कभी अपनी चौखट पर नहीं बैठने दूंगा.
