श्रद्धा के पिता ने की आफताब की फांसी की मांग, कहा- बच्चों को धर्म की सही जानकारी देना जरूरी

नई दिल्ली | श्रद्धा हत्याकांड के मुख्य आरोपी आफताब पूनावाला की न्यायिक हिरासत 14 दिनों के लिए बढ़ा दी गई है. शुक्रवार को श्रद्धा के पिता विकास ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की और फिर मीडिया से बात की. विकास ने कहा कि श्रद्धा की मौत से हमारा पूरा परिवार सदमे में है. उन्होंने कहा कि बेटी की हत्या से मेरी मानसिक स्थिति भी खराब हो गई है.

Shraddha Murder Case

श्रद्धा के पिता ने आगे कहा दिल्ली पुलिस ने हमें आश्वासन दिया है कि हमें न्याय मिलेगा. महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने भी हमें आश्वासन दिया है. उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें पुलिस विभाग के कुछ लोगों से मदद नहीं मिली, जिसका उन्हें काफी दुख भी है. उन्होंने कहा कि हम पुलिस की हर संभव मदद कर रहे हैं.

आफताब को होनी चाहिए फांसी

विकास वाल्कर ने कहा कि मेरी बेटी की नृशंस हत्या के लिए आफताब पूनावाला को फांसी दी जानी चाहिए. श्रद्धा के पिता ने कहा, मैं मांग करता हूं कि इस मामले की तह तक जांच होनी चाहिए और यह पता लगाना चाहिए कि आफताब को ऐसी शिक्षा किसने दी.

तो मेरी बेटी जिंदा होती’

विकास ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में वसई पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा, “मेरी बेटी की बेरहमी से हत्या की गई… वसई पुलिस की वजह से मुझे कई दिक्कतों का सामना करना पड़ा, अगर उन्होंने मेरी मदद की होती तो मेरी बेटी जिंदा होती.

बच्चों को मिले सही मार्गदर्शन

विकास ने आगे कहा कि ‘मेरी बेटी ने घर से निकलने से पहले मुझसे कहा था कि मैं बालिग हो गई हूं और शायद इसी वजह से मैं कुछ नहीं कर पाया.’ श्रद्धा के पिता ने कहा कि 18 साल के बाद बच्चों को धर्मों की सही जानकारी देनी चाहिए और बच्चों को सही मार्गदर्शन मिलना चाहिए.

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आखिरी बार बात 2021 में हुई

पिता विकास ने बताया कि श्रद्धा से उनकी आखिरी बात साल 2021 में हुई थी और श्रद्धा ने कहा था कि वह बेंगलुरु में हैं और बिल्कुल ठीक हैं. विकास ने कहा कि घर से निकलते वक्त उन्होंने श्रद्धा को सिर्फ इतना कहा था कि आफताब उनकी बिरादरी से नहीं है और इसलिए वह इसका विरोध कर रहे हैं. विकास ने यह भी कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि आफताब श्रद्धा को पीटता था.

श्रद्धा को 35 टुकड़ों में बांटा

गौरतलब है कि 28 वर्षीय आफताब पर मई में दिल्ली के महरौली स्थित एक अपार्टमेंट में श्रद्धा की हत्या का आरोप है. मारने के बाद उसने श्राद्ध के 35 टुकड़े कर दिए और उन्हें शहर के कई हिस्सों में फेंकता रहा. आफताब के वकील का कहना है कि उसने कोर्ट में अपना गुनाह कबूल नहीं किया है. नार्को-एनालिसिस टेस्ट और पॉलीग्राफ टेस्ट के दौरान भी आफताब का व्यवहार शांत और स्थिर था.

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Pravesh Chauhan
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मेरा नाम प्रवेश चौहान है. मीडिया लाइन में पिछले 4 वर्ष से काम कर रहा हूँ. मैंने पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की है.