महेंद्रगढ़ | अब भूकंप के झटके से पहले ही सांकेतिक अलर्ट मिल जाएगा और भारी नुकसान से बचा जा सकेगा. हरियाणा में ऐसा पहला सिस्टम बनाया गया है. सीएसआईआर-नेशनल जियोफिजिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट (NGRI) हैदराबाद के सहयोग से हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय परिसर में ग्राउंड मॉनिटरिंग सिस्टम स्थापित किया गया है.
अनुसंधान को मिलेगी मजबूती
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने प्रशासनिक खंड के समीप स्थित उद्यान में व्यवस्था का उद्घाटन किया. इस मौके पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. सुनील कुमार व डीन ऑफ एजुकेशन प्रो. सारिका शर्मा भी मौजूद रहे. कुलपति ने कहा कि इस प्रणाली की मदद से भूकंप की निगरानी सहित भूविज्ञान से जुड़े विभिन्न परिवर्तनों पर केंद्रित अनुसंधान और अनुसंधान को मजबूती मिलेगी.
डेटा एकत्र किया जाएगा
इसके माध्यम से विश्वविद्यालय एवं उसके आसपास के क्षेत्र में होने वाली विभिन्न गतिविधियों की निगरानी एवं डाटा एकत्र करने का कार्य किया जायेगा. उन्होंने कहा कि इस प्रयास से अनुसंधान एवं अनुसंधान से संबंधित भूगर्भीय डेटा की उपलब्धता छात्रों, शिक्षकों और शोधार्थियों के लिए उपयोगी साबित होगी. उल्लेखनीय है कि इस प्रणाली के लिए विश्वविद्यालय ने सीएसआईआर-एनजीआरआई, हैदराबाद के साथ करार किया है.
जरूरी डाटा एकत्र करने का काम आसान होगा
इस प्रणाली के नोडल अधिकारी भूगोल विभागाध्यक्ष डॉ. जितेंद्र कुमार ने बताया कि इस प्रणाली से न केवल भूगोल बल्कि सिविल इंजीनियरिंग आदि विभागों के लिए जरूरी डाटा एकत्र करने का काम आसान होगा.
