चंडीगढ़ | हरियाणा में कपास उत्पादक किसानों के लिए खुशखबरी सामने आई है. शुक्रवार को प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस के एक नेता ने कपास की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद न होने का मुद्दा उठाते हुए सूबे की नायब सैनी सरकार (Haryana Govt) पर निशाना साधा था. उन्होंने कहा था कि प्रदेश सरकार किसानों से उनकी फसल MSP पर खरीदने के वादे से मुकर गई है क्योंकि कपास की फसल एमएसपी पर नहीं खरीदी जा रही है.
20 मंडियों में होगी खरीद
कांग्रेस की इस आपत्ति के तुरंत बाद सीएम नायब सैनी ने आनन- फानन में अधिकारियों की मीटिंग बुलाकर एक अक्टूबर से सूबे की 20 मंडियों में कपास को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदने का आदेश जारी किया. भारतीय कपास निगम के माध्यम से कपास की खरीद MSP पर की जाएगी.
किसानों को नहीं होगी परेशानी
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. राजा शेखर वुंडरू की अध्यक्षता में शुक्रवार को कपास खरीद की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक बुलाई गई थी, जिसमें उन्होंने बताया कि भारतीय कपास निगम और प्रदेश सरकार द्वारा खरीद के लिए सभी प्रकार की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. कपास की फसल को MSP पर खरीदा जाएगा और किसानों को किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी.
वुंडरू ने बताया कि मीटिंग में अन्य फसलों की खरीद के लिए भी एजेंसियां नामित की गई है. सोयाबीन, मक्का और ज्वार की सौ प्रतिशत खरीद हैफेड द्वारा की जाएगी, जबकि अन्य फसलों की खरीद हैफेड और अन्य खरीद एजेंसियों के माध्यम से 60:40 के अनुपात में की जाएगी.
कपास की दो किस्में जाएंगी खरीदी
उन्होंने बताया कि कपास की दो किस्में जिनमें मीडियम लांग स्टेपल 26.5- 27.0 तथा लांग स्टेपल 27.5- 28.5 हैं, को MSP पर खरीदा जाएगा. कपास की सरकारी खरीद के लिए हिसार में आदमपुर, बरवाला, हांसी, हिसार व उकलाना और सिरसा में ऐलनाबाद, कालांवाली व सिरसा में खरीद केंद्र खोले जाएंगे.
वहीं, भिवानी में सिवानी, ढिगावा व भिवानी तथा चरखी दादरी में चरखी दादरी शहर में खरीद केंद्र पर कपास की खरीद होगी. फतेहाबाद में भाटू, भूना व फतेहाबाद, जींद में उचाना, कैथल में कलायत, महेंद्रगढ़ में नारनौल और रोहतक में महम खरीद केंद्र पर कपास की MSP पर खरीद होगी.
