चंडीगढ़ | हरियाणा की खेती में आधुनिक तकनीक का बड़ा कदम उठाते हुए राज्य सरकार अब “5G आधारित हाई- टेक मौसम प्रणाली” लागू करने जा रही है. इस पहल का उद्देश्य किसानों को सटीक और सही समय पर मौसम की जानकारी उपलब्ध कराना है ताकि वे अपनी खेती से जुड़े फैसले बेहतर तरीके से ले सके क्योंकि मौसम की बेरुखी और अचानक होने वाले बदलावों से अक्सर किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है.
क्या है नई योजना?
इस योजना के तहत, राज्य के 8 जिलों में ऑटोमेटिक हाई- टेक मौसम स्टेशन लगाएं जाएंगे, जो 5G नेटवर्क से जुड़े होंगे और रियल- टाइम में मौसम से जुड़ा सटीक डेटा उपलब्ध कराएंगे. इन स्टेशनों के माध्यम से किसानों को बारिश, तापमान, हवा की गति और नमी जैसी महत्वपूर्ण जानकारी तुरंत मिल सकेगी जिससे वे खेती से जुड़े फैसले सही समय पर ले पाएंगे.
किसानों को फायदा
इस नई व्यवस्था से किसानों को विशेष रूप से लाभ होगा क्योंकि वे बुवाई, सिंचाई और फसल सुरक्षा जैसे कार्यों की बेहतर योजना बना सकेंगे. वे अचानक होने वाले मौसम बदलाव जैसे आंधी, बारिश या ओलावृष्टि से होने वाले नुकसान की भी संभावना लगा सकेंगे. इस सेंसर के जरिए जुटाया गया डेटा 5G तकनीक के माध्यम से तुरंत सर्वर तक पहुंचेगा और फिर किसानों को मोबाइल ऐप या SMS के जरिए अलर्ट और जरूरी सलाह दी जाएगी.
भविष्य की गतिविधियों के बारे में अपडेट
इस प्रणाली को आज के डिजिटल युग के अनुरूप ही डिजाइन किया गया है. इसमें डाटा ट्रांसमिशन के लिए 5G और GSM तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है. यह स्टेशन द्वारा एकत्रित की गई जानकारी सीधे मौसम विभाग के सर्वर और सार्वजनिक डोमेन में सांझा की जाएगी. इसका मतलब यह है कि अब किसानों को मौसम की जानकारी के लिए घंटों इंतजार नहीं करना पड़ेगा बल्कि उनके स्मार्टफोन पर ही सब अपडेट मिल जाएगी.
ये यंत्र प्रतिदिन की गतिविधियों को नोट करने के साथ- साथ 5 से 7 दिन बाद होने वाले मौसम के परिवर्तन के बारे में सटीक जानकारी देंगे. इसे फतेहाबाद सहित 8 जिलों में प्रस्तावित किया जाएगा.
