चंडीगढ़ के सरकारी स्कूल बनेंगे स्मार्ट, बच्चों की लगेगी बायोमेट्रिक अटेंडेस

चंडीगढ़ | स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत चंडीगढ़ के सरकारी स्कूलों को स्मार्ट बनाया गया है. शहर के सरकारी स्कूलों में अब फेस रिकग्निशन के साथ बायोमीट्रिक उपस्थिति की व्यवस्था की गई है. इसके लिए कक्षाओं के बाहर मशीनें लगाई गई हैं. छात्र कक्षा में प्रवेश करने से पहले ही अपनी उपस्थिति दर्ज कर सकेंगे, जिससे शिक्षकों का समय बचेगा और हर छात्र पर स्मार्ट तरीके से नजर रखी जा सकेगी. शहर के चार स्कूलों सेक्टर-22ए सीनियर सेकेंडरी मॉडल स्कूल, सेक्टर-35 सीनियर सेकेंडरी मॉडल स्कूल और सरकारी हाई स्कूल और सेक्टर-43 हाई स्कूल को स्मार्ट बनाया गया है. इन स्कूलों की 90 कक्षाओं में पढ़ने वाले करीब 2,700 लड़के और 2,090 लड़कियों को स्मार्ट शिक्षा का लाभ मिलेगा.

Haryana Tablet Yojana Student

स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम सामग्री, कंप्यूटर लैब, इंटेलिजेंट लाइटिंग सिस्टम, पब्लिक एड्रेस सिस्टम, डिजिटल नोटिस बोर्ड, फायर अलर्ट सिस्टम, पढ़ने के लिए टैबलेट, सर्विलांस सिस्टम, विजिटर मैनेजमेंट सिस्टम, स्मार्ट लैब, डिजिटल मैप के लिए टच स्क्रीन बोर्ड, क्लासरूम स्मार्ट सीसीटीवी शामिल हैं. अंदर छात्रों को कैमरा, स्कूल प्रबंधन प्रणाली आदि सुविधाएं प्रदान की गई हैं.

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नवीनतम तकनीक के साथ छात्रों को पढ़ाने का लक्ष्य

स्मार्ट सिटी स्कूल प्रोजेक्ट के सदस्य ने कहा कि प्रोजेक्ट का उद्देश्य सरकारी स्कूलों में छात्रों को नवीनतम तकनीक से शिक्षा की सुविधा उपलब्ध कराना है ताकि छात्रों को समान रूप से बेहतर गुणवत्ता वाली शिक्षा प्रदान की जा सके. हर स्कूल में करीब 15 क्लासरूम को स्मार्ट बनाया गया है. स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत पांच साल तक स्मार्ट तकनीकी सामान का मेंटेनेंस भी किया जाएगा.

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Pravesh Chauhan
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मेरा नाम प्रवेश चौहान है. मीडिया लाइन में पिछले 4 वर्ष से काम कर रहा हूँ. मैंने पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की है.