चंडीगढ़ | हरियाणा में मार्च में होने वाले निकाय चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है. इसी कड़ी में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 39 वरिष्ठ नेताओं को विभिन्न जिम्मेदारियां सौंप दी हैं. इनमें पूर्व मंत्री, पूर्व सांसद, पूर्व विधायक और चेयरमैन जैसे अनुभवी नेता शामिल हैं, जो अपने- अपने जिलों में उम्मीदवारों के चयन से लेकर प्रचार अभियान तक की कमान संभालेंगे.
कांग्रेस ने की बैलट पेपर से चुनाव कराने की मांग
इस बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और रोहतक से सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने बैलट पेपर से चुनाव कराए जाने की मांग उठाई है. उन्होंने कहा, ‘उत्तराखंड में भी लोकल बॉडी के चुनाव बैलट पेपर से हुए. हमारा डेलिगेशन इसे लेकर चुनाव आयोग से मुलाकात करेगा. हम पार्टी सिंबल पर चुनाव लड़ेंगे. इस पर जल्दी हाईकमान फैसला लेगा.’ बता दें कि प्रदेश के 7 नगर निगमों सहित कुल 40 निकायों में 2 मार्च को मतदान होगा, जबकि पानीपत नगर निगम में 9 मार्च को वोटिंग होगी. मतगणना 12 मार्च को होगी और इसी दिन सभी नतीजे घोषित किए जाएंगे.
इन शहरों में होंगे निकाय चुनाव
मुख्य निर्वाचन अधिकारी धनपत सिंह के अनुसार, फरीदाबाद, गुरुग्राम, मानेसर, पानीपत, रोहतक, यमुनानगर, हिसार और करनाल में मेयर और वार्डों के चुनाव कराए जाएंगे. सोनीपत और अंबाला में केवल मेयर पद के लिए मतदान होगा. इसके अलावा, नगर परिषद सोहना और नगर पालिका असंध व इस्माइलाबाद में अध्यक्ष पद के लिए उपचुनाव होंगे. पटौदी, थानेसर, सिरसा और अंबाला सदर नगर परिषद में सभी पदों के लिए चुनाव कराए जाएंगे. कुल 21 नगर पालिकाओं में अध्यक्ष और वार्ड मेंबर के पदों पर मतदान होगा.
BJP और AAP पार्टी सिंबल पर लड़ेंगी चुनाव
हरियाणा बीजेपी ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि वह सभी निकाय चुनाव अपने पार्टी चिन्ह ‘कमल’ के निशान पर लड़ेगी. कांग्रेस आम तौर पर अपने सिंबल पर मेयर और नगर निगम चुनाव लड़ती रही है, लेकिन इस बार इसे लेकर अंतिम निर्णय हाईकमान लेगा. वहीं, आम आदमी पार्टी (AAP) ने भी घोषणा कर दी है कि वह पूरे राज्य में निकाय चुनाव अपने पार्टी चिन्ह ‘झाड़ू’ पर ही लड़ेगी.
