चंडीगढ़ | हरियाणा पुलिस के अधिकारियों और कर्मचारियों को अब फिंगरप्रिंट विज्ञान और आधुनिक अपराध जांच तकनीकों की विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी. अपराधों की जांच को अधिक वैज्ञानिक, सटीक और प्रभावी बनाने के लिए राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) नई दिल्ली की ओर से 12 सप्ताह का विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है. यह कोर्स 6 जुलाई 2026 से शुरू होकर सितंबर 2026 तक चलेगा.

बदलते अपराध स्वरूप और डिजिटल तकनीकों के बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए पुलिस बल को नई जांच पद्धतियों से लैस करने की दिशा में इसे अहम कदम माना जा रहा है. कार्यक्रम में इंस्पेक्टर, सब- इंस्पेक्टर, सहायक उपनिरीक्षक (ASI) और हेड कांस्टेबल स्तर के पात्र अधिकारी एवं कर्मचारी आवेदन कर सकेंगे.
दिया जाएगा प्रशिक्षण
चयनित प्रतिभागियों को नई दिल्ली स्थित NCRB मुख्यालय में प्रशिक्षण दिया जाएगा. प्रशिक्षण के दौरान उन्हें अपराध जांच से जुड़े विभिन्न तकनीकी और वैज्ञानिक पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी जाएगी. कोर्स में फिंगरप्रिंट विज्ञान, डिजिटल पहचान तकनीक और आधुनिक फोरेंसिक जांच पर विशेष फोकस रहेगा. प्रतिभागियों को नेशनल ऑटोमेटेड फिंगरप्रिंट आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (NAFIS), डिजिटल फिंगरप्रिंट विश्लेषण, वैज्ञानिक साक्ष्य संग्रहण, डेटा विश्लेषण और अपराधियों की पहचान से जुड़ी नई तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा. इसके अलावा, फोरेंसिक विशेषज्ञों के साथ समन्वय और वैज्ञानिक जांच प्रक्रिया को मजबूत बनाने पर भी जोर रहेगा.
नई तकनीकों की जानकारी
पुलिस विभाग के अनुसार, वर्तमान समय में अपराधों की प्रकृति तेजी से बदल रही है. साइबर अपराध, तकनीक आधारित धोखाधड़ी और संगठित अपराध के मामलों में वैज्ञानिक जांच की भूमिका पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गई है. ऐसे में जांच अधिकारियों को आधुनिक उपकरणों और तकनीकों की जानकारी देना आवश्यक है. प्रशिक्षण प्राप्त कर्मचारी अपने- अपने जिलों और इकाइयों में लौटने के बाद अन्य पुलिसकर्मियों को भी नई तकनीकों की जानकारी देंगे. इससे पूरे पुलिस तंत्र की जांच क्षमता में सुधार होगा और अपराध अनुसंधान को नया आधार मिलेगा.
क्या है NAFIS?
NAFIS (नेशनल ऑटोमेटेड फिंगरप्रिंट आइडेंटिफिकेशन सिस्टम) देशभर के अपराधियों के फिंगरप्रिंट का डिजिटल डेटाबेस है. यह सिस्टम कुछ ही मिनटों में संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान करने में सक्षम है. पुलिस जांच, अपराध नियंत्रण और अपराधियों की ट्रैकिंग में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है. NAFIS के प्रभावी उपयोग से जांच प्रक्रिया तेज और अधिक सटीक बनती है.