रेवाड़ी | दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) जिले में बिजली व्यवस्था को मजबूत करने के लिए छह नए 33 केवी पावर हाउस स्थापित कर रहा है. इन परियोजनाओं के दिसंबर तक चालू होने की संभावना है. नए सब स्टेशन शुरू होने के बाद ओवरलोडिंग, बार- बार ट्रिपिंग और अघोषित बिजली कटौती की समस्या में काफी हद तक कमी आने की उम्मीद है. इससे जिले के 100 से अधिक गांवों के लाखों उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिलेगा. वर्तमान में जिले में 33 केवी क्षमता के 34 पावर हाउस संचालित हैं. छह नए पावर हाउस शुरू होने के बाद इनकी संख्या बढ़कर 40 हो जाएगी. इससे बिजली वितरण नेटवर्क अधिक मजबूत होगा और बढ़ती मांग के अनुरूप सप्लाई प्रबंधन आसान हो सकेगा.

गर्मी के मौसम में बिजली की मांग बढ़ने पर कई फीडरों पर अत्यधिक लोड आ जाता है. इसके कारण ट्रिपिंग और लंबे समय तक बिजली बाधित रहने जैसी समस्याएं सामने आती हैं. नए पावर हाउस शुरू होने के बाद बिजली का लोड विभिन्न स्टेशनों में विभाजित हो जाएगा जिससे एक ही फीडर पर निर्भरता कम होगी और सप्लाई व्यवस्था अधिक स्थिर बनेगी.
रेवाड़ी को मिलेगा तोहफा
निगम की ओर से गांव निमोठ, जखाला, जीवड़ा, मनेठी, रणसी माजरी और बिदावास में 33 केवी क्षमता के नए पावर हाउस बनाए जा रहे हैं. इनमें से कई स्थानों पर सिविल निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है जबकि अन्य जगहों पर उपकरण स्थापित करने का काम जारी है. अधिकारियों के अनुसार, सभी परियोजनाओं को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. नए पावर हाउस शुरू होने से आसपास के क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता में सुधार होगा. निमोठ पावर हाउस से निमोठ, ढाणी ठेठबार बाढ़, जैनाबाद, लुहाना, धवाना, मानपुरा और रामबास सहित कई गांवों को लाभ मिलेगा. जखाला पावर हाउस से कोसली क्षेत्र की सप्लाई मजबूत होगी, जबकि जीवड़ा पावर हाउस जाटूसाना क्षेत्र को बेहतर बिजली उपलब्ध कराएगा.
शुरू होंगे 6 नए पावर हाउस
इसी प्रकार मनेठी पावर हाउस से पाड़ला, अहरोद और कुंड मंडी के आसपास के इलाकों को फायदा मिलेगा. रणसी माजरी पावर हाउस से नांगल तेजू, नांगल उग्रा और प्राणपुरा क्षेत्र की बिजली व्यवस्था सुधरेगी. वहीं, बिदावास पावर हाउस से झाबुआ, सूखटेड़ी, नंगली, खुर्रमपुर और आसपास के गांवों को बेहतर बिजली आपूर्ति मिल सकेगी.
डीएचबीवीएन के एसडीओ कंस्ट्रक्शन विनोद अग्रवाल के अनुसार सभी परियोजनाओं पर निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार कार्य चल रहा है. ट्रांसफार्मर और पैनल लगाने का काम सितंबर तक पूरा कर लिया जाएगा. इसके बाद, अक्टूबर और नवंबर में परीक्षण किया जाएगा तथा दिसंबर से इन पावर हाउसों के माध्यम से आम उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी.