चंडीगढ़ | हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र का आज तीसरा दिन है. तीसरे दिन बजट सत्र की कार्यवाही में पक्ष और विपक्ष के बीच कई मुद्दों को लेकर हंगामा खड़ा हुआ. हालांकि, प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री और मंत्रियों ने बड़ी सटीकता से जवाब देते हुए स्थिति को काबू में करने का प्रयास किया. इसमें काफी हद तक उन्हें सफलता भी मिली.
बुढ़ापा पेंशन को उठे सवाल
कांलावाली विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक शीशपाल केहरवाला ने ने सरकार से पूछा कि कितने लोगों की बुढ़ापा पेंशन वेरिफाई करने के नाम पर रोकी गई. इसपर सामाजिक अधिकारिता मंत्री कृष्ण बेदी ने जवाब दिया कि बुढ़ापा पेंशन में मृत्यु मामलों के चलते 78 हजार लोगों की पेंशन कटी हैं. जबकि अपात्र पाए जाने पर 5 हजार लोगों की पेंशन काटी गई है. विधवा पेंशन का लाभ उठा रही बहुत सी महिलाओं को अब बुढ़ापा पेंशन में शामिल किया गया है. वहीं, इस मामले पर मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि विपक्ष ने बुजुर्गो के बीच अफवाह फैला कर पाप किया है. हमने तो बुढ़ापा पेंशन में बढ़ोतरी कर बुजुर्गो का सम्मान बढ़ाया है.
खेल मंत्री से विनेश फोगाट की तीखी बहस
जुलाना विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायिका विनेश फोगाट ने अपने हल्के के गांव रामराय में स्विमिंग पूल की मांग उठाई. उन्होंने सरकार से सवाल किया कि इसके लिए दो एकड़ जमीन दान दी गई थी. क्या वहां स्विमिंग पूल बनाने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन है. यदि नहीं है तो उसकी वजह बताएं.
खेल मंत्री गौरव गौतम ने इस सवाल का जवाब देते हुए कहा कि स्विमिंग पूल निर्माण का प्रस्ताव व्यवहारिक नहीं है. विनेश फोगाट ने कहा कि व्यवहारिक क्यों नहीं है. यहां रोज 200 से ज्यादा बच्चे प्रैक्टिस करते हैं. बच्चों को तालाब में प्रैक्टिस करने पर मजबूर होना पड़ रहा है, उन्हें एलर्जी हो रही है. मंत्री जी, आप एक बार मेरे साथ चले और तैरकर तालाब पार करें. मैं कहती हूं कि यदि मंत्री को अस्पताल में भर्ती न होना पड़े तो मैं दावा छोड़ दूंगी. इसपर विधानसभा अध्यक्ष हरविंदर सिंह कल्याण ने कहा कि विनेश जी आप सिलेक्टेड बच्चों का प्रस्ताव लाए, उनपर विचार करेंगे.
संत रविदास म्यूजियम को लेकर हंगामा
उकलाना विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक नरेश सेलवाल ने कुरुक्षेत्र में 125 करोड़ से प्रस्तावित संत रविदास म्यूजियम को लेकर सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा कि यदि संत रविदास के नाम पर कुछ बनाना है तो एक यूनिवर्सिटी बनाओ और उसमें म्यूजियम बनाओ. इसपर सत्ता पक्ष के मंत्रियों ने ऐतराज जताते हुए कहा कि ये गुरु रविदास जी का विरोध कर रहे हैं. गुरुओं के नाम पर इस तरह के बयान दे रहे हैं, इन्हें माफी मांगनी चाहिए.
