चंडीगढ़ | हरियाणा के किसानों के लिए प्रदेश सरकार की ओर से अच्छी खबर सामने आई है. 25 सितंबर से राज्य में खरीफ सीजन के फसलों की खरीद शुरू हो जाएगी. प्रदेश में धान की खरीद 25 सितंबर से और बाजरे की खरीद एक अक्टूबर से होगी. मंडी में एमएसपी(न्यूनतम समर्थन मूल्य) फसल बिक्री के लिए 31 अगस्त तक ‘मेरी फसल मेरा ब्योरा’ पोर्टल पर पंजीकरण कराना अनिवार्य है.
हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने शुक्रवार को खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, हरियाणा कृषि विपणन बोर्ड, हैफेड और हरियाणा वेयरहाउसिंग कारपोरेशन समेत विभिन्न एजेंसियों के अधिकारियों से खरीफ की फसल की खरीद को लेकर अहम बैठक की. बैठक के बाद डिप्टी सीएम ने कहा कि खरीफ फसलों की खरीद की तैयारियां प्रदेशभर में जोरों पर चल रही है. धान की फसल की खरीद 25 सितंबर से शुरू होकर 15 नवंबर तक चलेगी. बाजरा, मक्का, मूंग आदि की फसल की खरीद एक अक्टूबर से शुरू होकर 15 नवंबर तक होगी.
किसानों को ना हो कोई परेशानी: दुष्यंत चौटाला
बैठक के दौरान डिप्टी सीएम ने अधिकारियों को आदेश देते हुए कहा कि मंडियों में आने वाले किसी भी किसान को कोई समस्या नहीं होनी चाहिए. मंडियों में शेड, सड़कें, पैकेजिंग बैग, तुलाई मशीनें आदि ठीक कर लें ताकि किसान परेशान न हो. फसल खरीद में कोताही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी. फसल खरीद के लिए मंडियों में आने वाले किसी भी किसान को कोई समस्या नहीं आएगी.
धान खरीद के लिए 200 केंद्र
दुष्यंत चौटाला ने बताया कि इस वर्ष धान खरीद के लिए करीब 200 खरीद केंद्र बनाए गए हैं. इसी तरह बाजरा के लिए 86, मक्का के लिए 19 और मूंग के लिए 38 खरीद केंद्र होंगे. सरकार ने इस खरीफ सीजन में धान के लिए 1940, बाजरा के लिए 2250, मक्का के लिए 1870 रुपये, मूंग के लिए 7275 एवं मूंगफली के लिए 5550 रुपये प्रति क्विंटल न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित किया है.
31 अगस्त तक वेबसाइट पर करें पंजीकरण
डिप्टी CM ने किसानों से अपील करते हुए कहा कि किसान मंडी में अपनी फसल बेचने के लिए अपना पंजीकरण जरूर करवाएं, क्योंकि 31 अगस्त तक मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकरण करवाना अनिवार्य है. दुष्यंत चौटाला ने बताया कि अब तक धान बेचने के लिए 2 लाख 90 हजार, बाजरा के लिए 2 लाख 45 हजार व मूंग के लिए 66 हजार से अधिक किसानों ने अपना पंजीकरण करवा लिया है.
