घोषणाओं का दौर: हरियाणा में लाखों कर्मचारियों को मिलेगा कैशलेस इलाज, श्रमिकों के लिए उठाए गए यह कदम

चंडीगढ़ | आचार संहिता हटते ही हरियाणा सरकार ने स्वास्थ्य, शिक्षा व कर्मचारियों के लिए सुविधाओं का पिटारा खोल दिया है. बता दें, इसी कड़ी में हरियाणा में 26 लाख सरकारी कर्मचारियों, पेंशनर्स व उनके आश्रितों के लिए कैशलेस इलाज योजना लागू कर दी है. श्रमिकों को सिलिकोसिस जैसी खतरनाक बीमारी से बचाने को प्रदेशभर में 44 मोबाइल डिस्पेंसरी वैन भी चलाई जाएंगी. वहीँ, राज्य सरकार ने आतिथ्य सुविधाओं के लिए स्वच्छता ग्रीन लीफ रेटिंग सिस्टम लागू (SWEEP) करने का भी निर्णय लिया है. यह प्रणाली उन्हें “सुरक्षित तौर पर प्रबंधित स्वच्छता” को बढ़ावा और स्टार रेटिंग प्रणाली अपनाने के लिए प्रोत्साहित करेगी.

Employees Karamchari

कर्मचारियों, पेंशनर्स, उनके आश्रितों को मिलेगा कैशलेस इलाज का लाभ

स्वास्थ्य विभाग के एसीएस सुधीर राजपाल ने कैशलेस इलाज योजना लागू करने के संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है. इसके तहत, आयुष्मान भारत योजना के कर्मचारियों को भर्ती होने व डे-केयर स्वास्थ्य लाभ लेने और गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए कोई पैसा नहीं देना होगा. योजना से राज्य के 3.23 लाख नियमित कर्मचारी, 2.60 लाख पेंशनर्स और उनके आश्रित 20 लाख लोगों को लाभ मिलेगा. इसके लिए कर्मचारियों के ई-कार्ड बनाए जाएंगे.

सरकार ने जनवरी में पायलट प्रोजेक्ट दो महकमों में शुरू किया था. सफल होने पर अब सभी महकमों में इसे लागू किया गया है. बता दें, कर्मचारी व उनके आश्रित सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस इलाज करा सकेंगे. अस्पताल में भर्ती होने पर भोजन के पैसे नहीं देने पड़ेंगे. इसके लिए सरकार द्वारा 1340 पैकेज तय किए गए हैं. उसके अनुसार ही कैशलेस इलाज कर्मचारियों को मिलेगा.

इस तरह डाउनलोड करें कार्ड

  • इसके लिए आयुष्मान मोबाइल एप या beneficiary.nha.gov.in पर रजिस्ट्रेशन करना होगा.
  • फिर कार्ड जनरेशन पोर्टल से ई-कार्ड को डाउनलोड करना होगा.

गंभीर बीमारियों में हार्ट अटैक, कोमा, बिजली का झटका, तीसरी और चौथी स्टेज का कैंसर, हादसे आदि को शामिल किया गया है. डॉक्टर की पेमेंट से लेकर रोगी आहार, निगरानी, ऑपरेशन थिएटर, फिजियोथैरिपी, दवा, आईसीयू समेत सभी निशुल्क मिलेगी. सूचीबद्ध अस्पतालों के अलावा इलाज कराने पर पहले की तरह प्रतिपूर्ति की जाएगी.

श्रमिकों के लिए उठाए जा रहे यह कदम

श्रमिकों को सिलिकोसिस जैसी खतरनाक बीमारी से बचाने के लिए जल्द 44 मोबाइल डिस्पेंसरी वैन शुरू की जाएंगी. ये वैन खनन, निर्माण स्थलों या जहां भी सिलिकोसिस होने की संभावना बनी रहती है, उन स्थानों पर जाकर श्रमिकों के स्वास्थ्य की जांच करेंगी. ताकि इस बीमारी का प्रथम चरण में ही पता लग सके व इलाज मुहैया करवाया जा सके. इसकी प्रारंभिक प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है, जल्द इन वैन को हरी झंडी दिखाई जाएगी- मूलचंद शर्मा, हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य और श्रम मंत्री

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