भिवानी | हरियाणा के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को अब भविष्य की तकनीकों से जोड़ने की तैयारी शुरू हो गई है. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल स्किल्स और 21वीं सदी के आधुनिक कौशल अब सरकारी स्कूलों के छात्रों तक पहुंचाए जाएंगे. राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) हरियाणा ने TechSkills@Schools कार्यक्रम के तहत विद्यालयों और शिक्षकों के नामांकन की प्रक्रिया शुरू कर दी है. इसके जरिए सरकारी स्कूलों में डिजिटल शिक्षा को नई दिशा मिलेगी और विद्यार्थियों को तकनीकी दुनिया में आगे बढ़ने का अवसर प्राप्त होगा.

SCERT के अनुसार, प्रत्येक ब्लॉक से 10 सरकारी विद्यालयों का चयन किया जाएगा जहां तकनीक आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने का अनुकूल वातावरण हो. चयनित स्कूलों में विद्यार्थियों को नियमित रूप से तकनीक आधारित गतिविधियों से जोड़ा जाएगा.
हरियाणा में TechSkills@Schools कार्यक्रम शुरू
SCERT ने सभी जिला और ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि निर्धारित मानकों के अनुसार विद्यालयों और शिक्षकों के नामांकन 22 जून तक भेजें. कार्यक्रम के तहत, प्रत्येक चयनित विद्यालय से 4 शिक्षकों का नामांकन किया जाएगा. इन शिक्षकों को तकनीक आधारित प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण कार्यक्रमों और आधुनिक शिक्षण संसाधनों का लाभ मिलेगा. जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. निर्मल दहिया ने कहा कि AI और डिजिटल स्किल्स की शिक्षा एक सकारात्मक पहल है. बदलते समय के अनुसार विद्यार्थियों को नई तकनीकों से परिचित कराना आवश्यक है जिससे वे भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार हो सकें.
CM की घोषणाएं
उधर, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शिक्षा क्षेत्र से जुड़ी कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं. पंचकूला के सेक्टर- 5 स्थित परेड ग्राउंड में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि अगले शैक्षणिक सत्र से कक्षा 3 से 9 तक के पाठ्यक्रम में योग को शामिल किया जाएगा. वर्तमान में योग केवल कक्षा 6 के पाठ्यक्रम का हिस्सा है.
पंचकूला में आयोजित राज्य स्तरीय अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस समारोह के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री @NayabSainiBJP की प्रमुख घोषणाएं
अगले शैक्षणिक सत्र से कक्षा तीसरी से नौवीं तक सभी कक्षाओं में योग शिक्षा को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जाएगा।
प्रदेश के सभी विद्यालयों में योग एवं योग…
— DPR Haryana (@DiprHaryana) June 21, 2026
सीएम ने बताया कि प्रदेश के सभी विद्यालयों में योग शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए PTI, DPED, PGT और चयनित PRT शिक्षकों को विशेष योग प्रशिक्षण दिया जाएगा. साथ ही, हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) और हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) की परीक्षाओं में योग से जुड़े प्रश्न भी अनिवार्य रूप से शामिल किए जाएंगे.
खेल नीति में योगासन
मोरनी में प्राकृतिक चिकित्सा और योग के क्षेत्र में राज्य स्तरीय संस्थान स्थापित किया जाएगा. उच्च शिक्षा संस्थानों के स्पोर्ट्स विभागों का नाम बदलकर “स्पोर्ट्स एवं योग विभाग” किया जाएगा. राज्य की खेल नीति में योगासन को खेल विधा के रूप में शामिल करने के लिए भी आवश्यक नीतिगत बदलाव किए जाएंगे. साथ ही, योग पाठ्यक्रम में आयुर्वेद से संबंधित विषयों को भी शामिल किया जाएगा और आयुष योग कोच के रिक्त पदों पर जल्द नियुक्तियां की जाएंगी.