चंडीगढ़ | हरियाणा के सरकारी और निजी स्कूलों में शीतकालीन अवकाश घोषित कर दिया गया है. एक जनवरी से 15 जनवरी तक स्कूलों में अवकाश रहेगा लेकिन इस दौरान कक्षा 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों के लिए कोई अवकाश नहीं होगा. कक्षाएं सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक लगेंगी. सरकार ने यह फैसला बोर्ड परीक्षाओं को देखते हुए लिया है. 16 जनवरी से स्कूल पहले की तरह खुलेंगे. अतिरिक्त कक्षा लेने वाले शिक्षकों को बदले में नियमानुसार अर्जित अवकाश मिलेगा.
बच्चों को एडवेंचर कैंप में नहीं भेजना चाहते
हरियाणा विद्यालय शिक्षा परियोजना परिषद ने दिव्यांग बच्चों को एडवेंचर कैंप में भेजने की तैयारी कर ली है लेकिन कड़ाके की ठंड के चलते अभिभावक अपने बच्चों को कैंप भेजने से मना कर रहे हैं. अभिभावकों का कहना है कि सरकार ने कड़ाके की सर्दी के चलते 1 से 15 जनवरी तक स्कूलों में अवकाश घोषित किया है और 2 से 7 जनवरी तक दिव्यांग बच्चों को कैंप में ले जाने का कोई औचित्य नहीं है. अगर बच्चे कैंप में जाते हैं तो उनका बीमार होना स्वाभाविक है.
दिव्यांग बच्चों को शिविर में भेजने की तैयारी
परियोजना परिषद ने प्रत्येक जिले से 40-40 दिव्यांग बच्चों को पंचकूला के भूरी और टिक्कर्ताल में साहसिक शिविरों में ले जाने की तैयारी की है. प्रत्येक जिले से जाने वाले बच्चों के लिए 31,900 रुपये का बजट जारी किया गया है. इसमें राज्य के दिव्यांग छात्रों को दो बैच में लिया जाएगा. पहले जत्थे में अंबाला, भिवानी, चरखी दादरी, फरीदाबाद, फतेहाबाद, गुरुग्राम, हिसार, जींद, झज्जर, कैथल और कुरुक्षेत्र से 440 दिव्यांग बच्चे पंचकूला के भूरी के लिए रवाना होंगे.
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— Haryana E Khabar (@HaryanaEKhabar) December 30, 2022
दूसरे बैच में करनाल, महेंद्रगढ़, नूंह, पंचकूला, पानीपत, पलवल, रेवाड़ी, रोहतक, सिरसा, सोनीपत और यमुनानगर के 440 बच्चे एनएसी चंडीगढ़ से टिक्कर्ताल के लिए रवाना होंगे. विशेष शिक्षक विजय शर्मा ने कहा कि दिव्यांग बच्चों की प्रतिभा को निखारने और उन्हें भ्रमण पर ले जाने की यह एक अच्छी योजना है लेकिन इस समय कड़ाके की ठंड होती है, जिससे बच्चों को बीमार होने का डर सताता है. दिव्यांग बच्चों के माता-पिता उन्हें कैंप में भेजने से मना कर रहे हैं. ऐसे में ठंड से राहत मिलने के बाद ही शिविर का आयोजन करना चाहिए.
